किन्नर कैलाश यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम कल्पा पीके भारद्वाज।
किन्नौर में किन्नर कैलाश यात्रा 17 अगस्त से नए वैकल्पिक मार्ग पूर्बनी–डांगलीडेन–गुफा से शुरू होगी। यह निर्णय वीरवार को रिकांगपिओ में आयोजित किन्नर कैलाश यात्रा आयोजन समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एस.डी.एम. कल्पा पी.के. भारद्वाज ने की।
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यात्रा मौसम की अनुकूलता पर निर्भर करेगी और प्रतिदिन केवल 50 श्रद्धालुओं को ही ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से अनुमति मिलेगी। श्रद्धालु 23 अगस्त, 2026 तक अपना ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इससे पहले, किन्नर कैलाश यात्रा तांगलिंग-मेलिंग खटा-गुफा मार्ग से जारी थी, जो 15 अगस्त तक संचालित होगी।
वन विभाग और चिकित्सा टीमों को तैनात
एसडीएम कल्पा पीके भारद्वाज ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित होमगार्ड, पुलिस बल, वन विभाग और चिकित्सा टीमों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में तांगलिंग-मेलिंग खटा-गुफा मार्ग के लिए लागू सभी नियम और शर्तें नए पूर्बनी-डांगलीडेन-गुफा मार्ग पर भी समान रूप से लागू होंगी। टेंट मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे श्रद्धालुओं को प्रशासन के दिशा-निर्देशों और नियमों की पूरी जानकारी दें।
यातायात और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी होमगार्ड संभालेंगे
इस दौरान विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यातायात और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी होमगार्ड संभालेगी, जबकि पंजीकरण का जिम्मा वन मित्र का होगा। ग्रीन टैक्स का संग्रह ईश्वर नारायण शक्ति नाग शिव कैलाश यात्रा समिति करेगी। श्रद्धालुओं के मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए एक आयुर्वेदिक चिकित्सक भी उपलब्ध रहेंगे।
डांगलीडेन पड़ाव पर 2 वनकर्मी, 2 पुलिसकर्मी, 1 आईपीएच फिटर और 1 डॉक्टर तैनात रहेंगे। मार्ग का प्रभार रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर के पास रहेगा। गुफा पड़ाव पर 3 होमगार्ड, 2 पुलिसकर्मी और 1 फार्मासिस्ट तैनात रहेंगे।

किन्नर कैलाश यात्रा की जानकारी देते हुए अधिकारी।

किन्नर कैलाश यात्रा। फाइल फोटो
