![]()
रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (POCSO कोर्ट) किन्नौर ने नाबालिग से छेड़छाड़ और प्रताड़ना के मामले में एक कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी सन्नी नेगी (पुत्र हरीश चंद्र, निवासी कल्पा, किन्नौर) को दोषी ठहराते हुए छह वर्ष के कठोर कारावा
.
उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी सन्नी नेगी 14 वर्षीय नाबालिग पीड़िता को आते-जाते परेशान और प्रताड़ित करता था। शुरुआत में सामाजिक कारणों से परिवार ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन 8 दिसंबर 2023 की रात करीब 10 बजे आरोपी ने अपने साथियों के साथ पीड़िता के घर के बाहर पहुंचकर गाली-गलौज की और पथराव कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने तंग आकर पुलिस में मामला दर्ज करवाया।
18 गवाहों और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
पुलिस द्वारा जांच पूरी कर चालान पेश किए जाने के बाद अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष कुल 18 गवाहों के बयान और ठोस दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन तमाम साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद कोर्ट ने आरोपी को नाबालिग के खिलाफ अपराध का दोषी पाया और सजा का ऐलान किया।
नाबालिगों के प्रति अपराधों पर कड़ा संदेश, अभियोजन पक्ष ने किया फैसले का स्वागत
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे संवेदनशील मामलों में दोषियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। अभियोजन पक्ष ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे पीड़ित परिवार के लिए न्याय और समाज में बच्चों व महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वाले तत्वों के लिए एक सख्त चेतावनी करार दिया है।
