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Manimahesh Yatra 2026 | Helicopter Service Starts From Bharmaur-Holi


भरमौर से गौरीकुंड के लिए उड़ा हेलीकॉप्टर।

उत्तर भारत की मशहूर मणिमहेश यात्रा-2026 के लिए हेलीकॉप्टर सेवा आज (बुधवार) सुबह से शुरू हो गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अनुमति मिलने के बाद इस सेवा का संचालन शुरू किया गया। इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु मणिमहेश कैलाश के दर्शन करने

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भरमौर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि हेलीकॉप्टर सेवा के टिकट की बुकिंग केवल मणिमहेश यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट (manimaheshyatra.hp.gov.in) के माध्यम से करें। ऑफलाइन टिकट का विकल्प केवल विशेष परिस्थितियों में गौरीकुंड से भरमौर की एकतरफा वापसी के लिए मिल सकता है।

प्रशासन ने अनधिकृत वेबसाइटों, एजेंटों या अन्य फर्जी माध्यमों से टिकट बुक न करने की सलाह दी है, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके। श्रद्धालु हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग और यात्रा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देशों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं।

कहां से मिलेगा हेलीकॉप्टर?

हेलीकॉप्टर सेवा भरमौर और होली से मिलेगी। हेलीकॉप्टर मणिमहेश के शिव कुंड से एक किलोमीटर नीचे गौरीकुंड तक पहुंचाएगा। 19 सितंबर तक चलने वाली यात्रा के दौरान इस बार श्रद्धालुओं को 4 हेली टैक्सी की सेवाएं मिलेंगी। दो हेलीकॉप्टर भरमौर से गौरीकुंड के लिए उड़ान भरेंगे और दो होली से गौरीकुंड की यात्रा करवाएंगे।

DGCA की अनुमति नहीं मिलने से मंगलवार को निराश लौटे थे श्रद्धालु

मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इससे पहले मंगलवार को DGCA द्वारा सभी औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण हेलीपैड पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु निराश होकर लौटे थे।

मणिमहेश यात्रा के लिए कहां से पैदल यात्रा शुरू करनी होती है?

मणिमहेश यात्रा के लिए भरमौर से करीब 11 किलोमीटर आगे हड़सर से यात्रा शुरू होती है। चंबा से भरमौर पहुंचने के बाद यहां से हड़सर तक गाड़ियों में पहुंचा जा सकता है। इससे आगे पैदल यात्रा का दौर चलता है।

भरमौर से गौरीकुंड के लिए उड़ान भरते हुए हेलीकॉप्टर।

भरमौर से गौरीकुंड के लिए उड़ान भरते हुए हेलीकॉप्टर।

मणिमहेश यात्रा पर जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें:-

  • हड़सर से मणिमहेश झील की दूरी कितनी है: हड़सर से मणिमहेश झील यानी शिव कुंड की दूरी 13 किलोमीटर से ज्यादा है। कुछ जगह खड़ी चढ़ाई होने और ऊंचाई पर आक्सीजन कम होने के कारण यात्रा इतनी आसान नहीं रहती।
  • मणिमहेश यात्रा के दौरान कहां ठहरने की व्यवस्था है: मणिमहेश यात्रा में पैदल मार्ग पर धनछो, सुंदरासी, गौरीकुंड और मणिमहेश शिव कुंड के पास ठहरने की टेंट में व्यवस्था रहती है। प्रति बिस्तर 250 से 350 रुपए वसूल किए जाते हैं।
  • मणिमहेश की ऊंचाई कितनी है: मणिमहेश की पवित्र झील की ऊंचाई समुंद्र तल से 13000 फीट है, जबकि मणिमहेश कैलाश 18 हजार फीट से भी ऊंचा है।
  • मणिमहेश यात्रा के लिए कैसे करें पंजीकरण: मणिमहेश यात्रा के लिए ट्रस्ट की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है। इसके लिए 50 रुपए शुल्क तय किया गया है। बिना पंजीकरण यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं है।
मणिमहेश की डल झील जिसमें स्नान के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

मणिमहेश की डल झील जिसमें स्नान के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

मणिमहेश यात्रा 2026 कब समाप्त होगी

मणिमहेश यात्रा का समापन 19 सितंबर 2026 को राधाष्टमी के शुभ अवसर पर होगा। राधाष्टमी स्नान का शुभ मुहूर्त 18 सितंबर को दोपहर 1 बजे से शुरू होकर 19 सितंबर को दोपहर 3:26 बजे तक रहेगा।



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