मेरठ रेंज में कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हाईटेक कर दी गई है। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। पूरे रेंज में हाई डेफिनेशन कैमरों का जाल बिछाया गया है। यदि किसी ने यात्रा के दौरान अराजकता फै
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निरीक्षण के दौरान मौजूद डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम डा. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडेय।
मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मेरठ, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर में कांवड़ यात्रा को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। रेंज के करीब 20 प्रमुख मार्गों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे किसी भी वाहन का नंबर पढ़कर कुछ ही सेकेंड में उसका पूरा रिकॉर्ड सामने ला सकते हैं। हरियाणा सीमा से जुड़े मार्गों पर इन कैमरों की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि संदिग्ध वाहनों की तुरंत पहचान हो सके।
पूरी रेंज में फैला कैमरों का जाल उन्होंने बताया कि ऑपरेशन दृष्टि के तहत पूरे रेंज में करीब 30 हजार सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं। इन कैमरों के जरिए कांवड़ मार्ग, प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सभी कैमरों की फीड संबंधित जनपदों के कंट्रोल रूम तक लगातार पहुंच रही है।

ICCC के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की स्क्रीन।
सोशल मीडिया भी AI की निगरानी में डीआईजी ने बताया कि प्रत्येक जनपद में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया गया है, जहां सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है। यहां से फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप समेत विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही पोस्ट और संदेशों का रियल टाइम विश्लेषण किया जाता है। यदि किसी पोस्ट या वीडियो से कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका होती है तो उसे तत्काल चिन्हित कर कार्रवाई शुरू कर दी जाती है।
अफवाह फैलाने वालों की पूरी चेन होगी चिन्हित डीआईजी कलानिधि नैथानी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा में किसी भी प्रकार की अराजकता या अफवाह फैलाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति भड़काऊ या भ्रामक वीडियो और संदेश सोशल मीडिया पर साझा करता है तो केवल मूल पोस्ट करने वाला ही नहीं, उसे आगे प्रसारित करने वालों की पूरी चेन भी जांच के दायरे में लाई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
सिर्फ सत्यापित जानकारी करें साझा डीआईजी ने गुरुवार शाम अचानक पुलिस लाइन के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। डीएम डा. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय व एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले भी साथ मौजूद रहे।
उन्होंने खामियों पर चर्चा कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। स्पष्ट किया कि केवल एक्सपर्ट ही यहां लगाए जाएं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री को फॉरवर्ड करने से बचें, क्योंकि हाईटेक निगरानी व्यवस्था के जरिए ऐसे प्रत्येक संदेश और उसके प्रसार की लगातार निगरानी की जा रही है।
