Headlines

MP Weather Alert | Heavy Rain Warning Jabalpur Chambal Narmadapuram


मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र)और मानसून ट्रफ की सक्रियता है। शनिवार को बालाघाट, छतरपुर, नरसिंहपुर, सतना, सीधी, पन्ना समेत कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। रविवार को जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में भारी बार

.

मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने अगले 24 घंटे के दौरान श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होगी।

लगातार बारिश से बालाघाट में नैनपुर के समीप भीमा नाला में उफान आ गया। इससे आवागमन रोक दिया गया।

लगातार बारिश से बालाघाट में नैनपुर के समीप भीमा नाला में उफान आ गया। इससे आवागमन रोक दिया गया।

सीधी में बारिश से 104 करोड़ की सड़क बही इससे पहले शनिवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का दौर बना रहा। बारिश के बीच सीधी में करीब छह महीने पहले बनी 104 करोड़ रुपए की सड़क का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। पन्ना में उफनती नदी में डंपर बह गया, जबकि सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बह गए। इनमें दो लोग तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन एक व्यक्ति लापता है।

पन्ना के धरमपुर थाना क्षेत्र में कालिंजर से अजयगढ़ आ रहा डंपर शहपुरा नदी के तेज बहाव में बह गया। चालक सनी उर्फ रोहित सिंह ने तैरकर अपनी जान बचा ली। सतना जिले के नागौद क्षेत्र के ललचहा-इटमा नाले में शुक्रवार देर रात तेज बहाव के दौरान बाइक समेत तीन लोग बह गए। बालेंद्र सिंह और दीपू पांडेय तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि तीसरा व्यक्ति बहकर लापता हो गया।

छतरपुर जिले के महाराजपुर के हरपई पुरवा में बारिश के दौरान कुम्हेड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 250-300 लोगों की परेशानी बढ़ गई। पुल नहीं होने से ग्रामीणों का महाराजपुर से संपर्क मुश्किल हो जाता है। अभिभावक बच्चों को कंधे पर बैठाकर नदी पार कराते हैं। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को भी इसी रास्ते से जाना पड़ता है।

नरसिंहपुर में लगातार बारिश और बरगी बांध के गेट खुले होने से नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बरमान के रेतघाट पर बना पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है। वहीं नरसिंहपुर-जबलपुर को जोड़ने वाला झांसीघाट पुल भी जलमग्न होने की कगार पर पहुंच गया है।

देखिए, शनिवार को बारिश की तस्वीरें…

नरसिंहपुर जिले में शनिवार को लगातार बारिश और बरगी बांध के गेट खुले होने के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर और बढ़ गया। बावजूद इसके कुछ लोग नाव से नदी पार करते देखे गए।

नरसिंहपुर जिले में शनिवार को लगातार बारिश और बरगी बांध के गेट खुले होने के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर और बढ़ गया। बावजूद इसके कुछ लोग नाव से नदी पार करते देखे गए।

6 महीने पहले 104 करोड़ की लागत से बनी सड़क बारिश में कटकर बह गई।

6 महीने पहले 104 करोड़ की लागत से बनी सड़क बारिश में कटकर बह गई।

रीवा के कई इलाकों में पानी भर गया।

रीवा के कई इलाकों में पानी भर गया।

पन्ना की शहपुरा नदी में एक डंपर बह गया। ड्राइवर ने तैरकर जान बचाई।

पन्ना की शहपुरा नदी में एक डंपर बह गया। ड्राइवर ने तैरकर जान बचाई।

सतना जिले के नागौद में 24 घंटे के दौरान 6.4 इंच बारिश दर्ज की गई।

सतना जिले के नागौद में 24 घंटे के दौरान 6.4 इंच बारिश दर्ज की गई।

पश्चिमी हिस्सा भी भीगेगा मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि 21–22 अगस्त पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए सबसे संवेदनशील दिन रहे। 23 से 26 अगस्त तक भी भारी बारिश के आसार है। पश्चिमी हिस्से में भी तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

40 जिलों में 1% से 51% तक कम बारिश प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, डिंडौरी, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ में 1% से 51% तक कम बारिश हुई है।

वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 2% से 47% कम पानी गिरा है।

15 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम

जून के बाद जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई।

आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई का कोटा तो फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई।

प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।

अब जानिए, एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड…

भोपाल में 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है। जुलाई जैसे ही सिस्टम एक्टिव होते हैं।

इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।

ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है। एवरेज 12 दिन बारिश होती है।

जबलपुर में 102 साल पहले गिरा था 44 इंच पानी जबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। 102 साल पहले यानी, वर्ष 1923 में अगस्त महीने में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी। यहां बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी।

जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है। करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी।

उज्जैन में अगस्त में जमकर होती है बारिश उज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था। इस साल अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है। 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *