पंचकूला की विशेष पोक्सो (POCSO) कोर्ट ने नाबालिग किशोरी को फुसलाकर मुंबई ले जाने और उसके साथ रेप के प्रयास के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी वंश शर्मा (22) को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ की कोर्ट ने सबूतों के अभाव और पीड़िता के
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मामला 10 दिसंबर 2023 का है, जब पंचकूला के सेक्टर-20 थाना क्षेत्र से 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग किशोरी ट्यूशन के दौरान अचानक लापता हो गई थी। पिता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। अगले दिन किशोरी ने मुंबई रेलवे स्टेशन से किसी अज्ञात व्यक्ति के फोन से अपने पिता को फोन कर लोकेशन बताई, जिसके बाद परिजन उसे प्लेन से वापस पंचकूला लाए थे।
आरोपी के वकील दीपांशु बंसल ने तर्क रखे कि पुलिस ने जांच के दौरान ऐसा कोई ठोस सुबूत नहीं दिया, जिससे साबित हो सकते कि आरोपी युवक पीड़िता के साथ मुंबई में था।

पंचकूला न्यायिक परिसर।
अब जानिए वजह, कैसे हुआ बरी
- बयानों में विरोधाभास: पीड़िता ने कोर्ट में कहा कि आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया था, जबकि मेडिकल जांच (MLR) के दौरान उसने और उसके परिवार ने किसी भी तरह के शारीरिक या यौन हमले की बात से इनकार किया था और मेडिकल कराने से भी मना कर दिया था।
- अपनी मर्जी से गई थी लड़की: पीड़िता ने क्रॉस-एग्जामिनेशन (जिरह) में स्वीकार किया कि वह आरोपी को पहले से जानती थी और उसके बुलाने पर अपनी मर्जी से ऑटो में बैठकर ढकोली स्थित उसकी दुकान पर गई थी।
- सबूतों की कमी: कोर्ट में यात्रा के टिकट (ट्रेन/फ्लाइट), सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) या टावर लोकेशन जैसा कोई भी ठोस तकनीकी सबूत पेश नहीं कर सकी। इन सभी पहलुओं पर विचार करते हुए कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा, जिसके चलते कोर्ट ने वंश शर्मा को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
