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बारिश के बीच संसद के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा, तो सदन के भीतर भी हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मुद्दा शुक्रवार को भी छाया रहा।
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हालांकि, शोर-शराबे के बीच भी संसद का कामकाज पूरी तरह नहीं रुका। लोकसभा ने MSME विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। हंगामे के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी।
लोकसभा: 4 मिनट में पहली बार स्थगित
शुक्रवार सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई। विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। स्पीकर ओम बिरला ने कई बार सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए है। इसके बावजूद हंगामा नहीं थमा। करीब चार मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
दोपहर 12 बजे सदन फिर शुरू हुआ। पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने बताया कि विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए गए हैं। इसके बाद फिर नारेबाजी शुरू हो गई।
हंगामे के बीच सरकार ने MSME विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। बिल ध्वनिमत से पारित हो गया। विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा, इसलिए इस पर चर्चा नहीं हो सकी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा। इसके बाद भी हंगामा जारी रहा और लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
वहीं, संसद परिसर के मकर द्वार पर विपक्षी दलों के सांसदों ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ भी उन्होंने सरकार के विरोध में नारे लगाए।
राज्यसभा में भी नोकझोंक
सुबह 11 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृहमंत्री की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे पर विपक्ष जवाब मांग रहा है, उस पर गृहमंत्री को सदन में मौजूद रहना चाहिए।
किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा से नहीं भाग रही। विपक्ष को भी सदन चलने देना चाहिए। लेकिन विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
दोपहर 12 बजे सदन फिर शुरू हुआ। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाने लगे। इसी दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
कुछ ही मिनटों में शोर इतना बढ़ गया कि कार्यवाही चलाना मुश्किल हो गया। करीब चार मिनट बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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