पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-154A) पर ढकोग के समीप रविवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मूसलाधार बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन के खतरे के बीच शाम करीब 6:30 बजे हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HRTC) की एक बस अचानक बीच सड़क पर खराब हो
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गनीमत यह रही कि क्षेत्र में भूस्खलन की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की मशीनरी और कर्मचारी मौके पर पहले से तैनात थे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए NHAI के कर्मचारियों ने पलक झपकते ही मोर्चा संभाला। उन्होंने अपनी भारी मशीनरी की मदद से खराब हुई एचआरटीसी बस को तुरंत धक्का देकर सड़क के किनारे एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।
देवदूत बनकर पहुंचे NHAI कर्मचारी, चंद मिनटों की देरी से होता बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद रोमांचक और जान जोखिम में डालने वाला था। अगर बस को हटाने में चंद मिनटों की भी देरी होती, तो वह पहाड़ी से गिरे भारी मलबे और बड़े-बड़े पत्थरों की चपेट में आ जाती, जिससे भारी जानी नुकसान हो सकता था।
मौके पर मौजूद NHAI के कर्मचारी प्रीतम चंद ने बताया कि बस जिस जगह खराब हुई थी, वह बेहद खतरनाक लैंडस्लाइड जोन है। हमने बिना वक्त गंवाए मशीन की मदद से बस को आगे धकेला। यदि बस कुछ क्षण और वहीं खड़ी रहती, तो सीधे मलबे की चपेट में आ जाती। हमारी मशीनरी मौके पर थी, जिससे हम तुरंत एक्शन ले पाए और सभी सुरक्षित हैं।”
मुस्तैदी की सराहना, हाईवे पर लगा लंबा जाम
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम के बाद बस में सवार यात्रियों और स्थानीय लोगों ने NHAI की त्वरित कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सतर्कता की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि कर्मचारियों की मुस्तैदी के कारण आज दर्जनों जिंदगियां सुरक्षित बच गईं।
हालांकि, इस अचानक आए संकट और रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन ने मौसम के खराब रुख को देखते हुए यात्रियों से इस मार्ग पर सावधानीपूर्वक यात्रा करने की अपील की है।

