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Pathankot Fraud Case | Karnataka Elderly Kidnapped Google Pay Theft



कर्नाटक के मैसूरु से पंजाब के अमृतसर पहुंचे 68 वर्षीय एक बुजुर्ग के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद उनके बैंक खातों से गूगल पे (Google Pay) के जरिए लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर कार

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मैसूरु (कर्नाटक) निवासी शिकायतकर्ता गणेश बी.एल. ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके 68 वर्षीय पिता लक्ष्मण एम. 18 जुलाई 2026 को मशीनरी का सामान खरीदने के उद्देश्य से पंजाब के अमृतसर आए थे। 19 जुलाई की शाम तक पिता से बात हुई, लेकिन उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका और वे रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गए।

बैंक खातों से हुआ खुलासा: पाकिस्तानी मोहल्ला के निवासियों के खातों में ट्रांसफर हुए पैसे

पिता की तलाश और पड़ताल के दौरान परिजनों को पता चला कि उनके पिता के दो अलग-अलग बैंक खातों से गूगल पे ऐप के जरिए पठानकोट के ‘पाकिस्तानी मोहल्ला’ (मामून) निवासी प्रवीण कुमार और सुशील कुमार के खातों में बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुजानपुर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रवीण कुमार और उसके भाई सुनील कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एएसआई नरेश कुमार, पीएचजी ऋतिक और पीएचजी अश्वनी कुमार की विशेष पुलिस टीम जब आरोपियों की धरपकड़ के लिए पठानकोट स्थित उनके ठिकाने पर पहुंची, तो पता चला कि सह-आरोपी सुशील कुमार की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रवीण कुमार और उसके भाई सुनील कुमार को हिरासत में ले लिया।

ऑटो में बिठाकर पिलाई शराब, फिर धोखे से ट्रांसफर कर लिए पैसे

प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपियों ने स्वीकार किया कि लापता बुजुर्ग पठानकोट में कहीं जाने के लिए प्रवीण के ऑटो में सवार हुए थे। रास्ते में उन्होंने बुजुर्ग के साथ शराब पी और इस दौरान प्रवीण ने अपने भाई सुनील कुमार को भी मौके पर बुला लिया।

जब बुजुर्ग शराब के नशे में आ गए, तो आरोपियों ने धोखे से उनके मोबाइल का गूगल पे इस्तेमाल कर अपने मृतक भाई सुशील कुमार के बैंक खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर कर लिए। पुलिस अब हिरासत में लिए गए दोनों भाइयों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि लापता बुजुर्ग लक्ष्मण एम. का सुराग लगाया जा सके और ठगी की गई पूरी रकम बरामद की जा सके।



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