मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी लगभग पूरी है। 20 जुलाई से मानसून सत्र शुरू हो रहा। सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले कभी भी फेरबदल की सूचना आ सकती है। इसमें सबसे अहम नाम राजनाथ सिंह का है। सोर्स बताते हैं कि उनकी विदाई लगभग तय है और इसके लिए वो तैयार भ
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सोर्स के मुताबिक, निर्मला सीतारमण, हरदीप सिंह पुरी, पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा से भी मंत्री पद लिया जा सकता है। मंत्रालय में मौजूद हमारे सूत्रों ने बदलाव का आधार और इसकी वजहें भी बताईं। पढ़िए रिपोर्ट में…
कैबिनेट में फेरबदल के दो आधार
सोर्स के मुताबिक, इस बदलाव का आधार दो फैसले हैं-
पहला: कैबिनेट अब ज्यादा युवा होगी। औसत उम्र BJP अध्यक्ष की उम्र के आसपास यानी 46 साल होगी। 2-4 साल कम-ज्यादा हो सकती है, लेकिन 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को बाहर जाना ही पड़ेगा। अपवाद ही बचेंगे। हालांकि, ये नियम PM पद के लिए लागू नहीं होगा। पिछले दो फेरबदल में कैबिनेट के जो चेहरे नहीं बदले, वो इस बार जरूर बदलेंगे।‘
दूसरा: जिन पार्टियों से टूटकर लोग BJP में आए, उन्हें भी कैबिनेट में जगह देनी है। इसमें पंजाब से टूटकर आने वाले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद शामिल हैं। इनके अलावा शिवसेना (उद्धव गुट) से टूटकर आए सांसद और पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के सांसद भी NDA के सपोर्ट में है। उन्हें भी कैबिनेट में शामिल करने की तैयारी है।

कैबिनेट के 6 बड़े नाम, जिन्हें बदला जाएगा और उन्हें बदलने की वजह…
1. राजनाथ सिंह, केंद्रीय रक्षा मंत्री
इस बार क्या राजनाथ सिंह कैबिनेट छोड़ेंगे या छोड़ना पड़ेगा? सोर्स बताते हैं, ‘कैबिनेट में किसी व्यक्ति का आना-जाना, कभी कोई मंत्री या पदाधिकारी तय नहीं करता। इसका फैसला होने के बाद संबंधित व्यक्ति को चिट्ठी दे दी जाती है। इस बार राजनाथ सिंह को चिट्ठी मिलने की खबर है। वो खुद भी बदलाव के लिए तैयार हैं।‘
फिर क्या उनकी विदाई तय है? सोर्स बताते हैं, ‘अभी तो यही दिख रहा है। आखिरी वक्त में क्या होगा, ये तभी पता चलेगा।‘
क्या वो सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) से भी हटेंगे? सोर्स कहते हैं, ‘हां, इस कमेटी का मेंबर होने के लिए डिफेंस मिनिस्टर होना जरूरी है। राजनाथ सिंह 2014 से लगातार इस सबसे अहम कमेटी के मेंबर हैं।‘
उनकी विदाई की वजह क्या हो सकती है? सोर्स साफ करते हुए कहते हैं,
इसके पीछे कोई नाराजगी नहीं, बल्कि दोनों बेटों का सक्रिय राजनीति में होना है। राजनाथ के छोटे बेटे नीरज इस बार यूपी BJP में उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। हालांकि, वे यूपी में पिछले करीब 5 साल से बिना किसी पद के सक्रिय हैं। उनकी सक्रियता से पार्टी के कई पदाधिकारी असहज भी थे। इसे लेकर कई बार सवाल भी उठा?

‘बड़े बेटे पंकज सिंह 2002 से सक्रिय राजनीति में हैं। वे 2012 में यूपी BJP में महासचिव बने, जिसके विरोध में 3 प्रदेश सचिवों ने इस्तीफा भी दिया था। अभी वे नोएडा से विधायक भी हैं। राजनाथ अगर ना हटे, तो परिवारवाद का सबसे अच्छा उदाहरण पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह होगा।’
‘विदाई की दूसरी वजह उनकी उम्र है। वो 75 साल के हो गए हैं।’
हमने पूछा कि क्या उन्हें कोई दूसरा पद दिया जाएगा? इस पर सोर्स कहते हैं, ‘अभी तय नहीं। मेरी जानकारी में न ही अब तक इसकी कोई चर्चा है। राजनाथ सिंह से एक पद लेकर उन्हें दूसरा पद देने की न कोई मजबूरी दिख रही है और न ही ऐसी कोई परंपरा है।‘

2. हरदीप सिंह पुरी, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री
हरदीप सिंह पुरी को क्या कोई नया पद मिलेगा? इस पर सोर्स कहते हैं, ‘अभी कोई चर्चा नहीं हुई। विदाई लगभग तय है।‘ वजह क्या है? वे कहते हैं, ‘ज्यादा उम्र, साथ ही नए लोगों को लाने के लिए खाली पद चाहिए। एपस्टीन फाइल के खुलासे के वक्त भी इनके नाम की चर्चा हुई, लेकिन ठोस सबूत नहीं मिले।‘
क्या एपस्टीन फाइल भी एक वजह है? जवाब मिला, ‘नहीं, आरोपों के आधार पर पिछले पांच फेरबदल में कोई बाहर कहां गया। उनके बाहर जाने की सबसे बड़ी वजह उम्र ही होगी। अभी वे 74 साल के हैं। मोदी 3.0 कैबिनेट में युवा लोगों की जरूरत है।‘
3. निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री
सोर्स के मुताबिक, निर्मला सीतारमण का बाहर जाना भी लगभग तय है। इन्हें साउथ के इंचार्ज के रूप में देखा जा रहा है। 2029 से पहले इकोनॉमी में कुछ नए फैसले होंगे, जो नए चेहरे के साथ ज्यादा नयापन देंगे। सीतारमण से कोई नाराजगी नहीं है। वो मोदी और शाह की कोर टीम में हैं।
उनकी जगह शक्तिकांत दास आ सकते हैं, क्योंकि PM मोदी उन्हें बहुत पसंद करते हैं। अभी वे PM के प्रधान सचिव भी हैं। एक और नाम है, जो वित्तमंत्री के तौर पर PM की लिस्ट में है, वो पीयूष गोयल का है। अभी वे कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर हैं।

4. धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री
NEET पेपर लीक के बाद से चर्चा है कि धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय ले लिया जाएगा? इस पर सोर्स कहते हैं, ‘इसकी उम्मीद कम है। उन्हें तभी हटाया जाएगा, जब ओडिशा में उन्हें CM पद दिया जाए। ओडिशा में CM मोहन मांझी का कार्यकाल लगातार विवादों में है, इसलिए वहां भी फेरबदल के आसार हैं। अभी धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय लेकर उन्हें कोई और मंत्रालय दिया जा सकता है। उन्हें बाहर का रास्ता दिखाए जाने की उम्मीद कम है।‘
5. पंकज चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री
पंकज चौधरी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और यूपी BJP के प्रदेश अध्यक्ष हैं। BJP में दो पद की नीति नहीं है। नए लोगों को पद देने के लिए जगह भी चाहिए। ऐसे में पंकज प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे, लेकिन मंत्री पद छोड़ना होगा।

6. हर्ष मल्होत्रा, केंद्रीय राज्य मंत्री
दिल्ली में यही हर्ष मल्होत्रा के साथ होगा। वे अभी दिल्ली BJP के अध्यक्ष हैं। साथ ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री भी हैं। इनका भी मंत्री पद जाना तय है। दिल्ली की CM रेखा गुप्ता के काम और उनकी छवि पर केंद्र की सख्त नजर है। हर्ष मल्होत्रा अब दिल्ली सरकार के काम में इन्वॉल्व होंगे। उन्हें CM की छवि सुधारने और प्रचार का जिम्मा दिया गया है।
नीचे ग्राफिक्स में पढ़िए कैबिनेट में किसकी एंट्री की सुगबुगाहट…

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