पंचायत चुनावों की आचार संहिता से ठीक पहले चार जिलों के एसपी बदलने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाए हैं। डोटासरा ने एक्स पर लिखा- भाजपा सरकार की बौखलाहट तो देखिए कि पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ
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डोटासरा ने लिखा- जनता के जनादेश से भाजपा इतनी खौफजदा है कि चुनाव के बीच ही पुलिस अधीक्षकों को बदला जा रहा है। आखिर इन तबादलों के पीछे क्या मजबूरी है? कान खोलकर सुन ले भाजपा सरकार, पुलिस प्रशासन जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए है, सत्ता के चुनावी खेल के लिए नहीं।
डोटासरा ने लिखा- पुलिस प्रशासन के दम पर प्रधान और जिला प्रमुख बनाने का सपना भाजपा का कभी पूरा नहीं होगा। लोकतंत्र की लूट नहीं होने देंगे। पंचायती राज चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ होकर रहेगा।
डोटासरा ने लिखा- खाटूश्यामजी नगरपालिका चुनाव में जिन अधिकारियों ने सरकारी दायित्वों का ईमानदारी और निष्पक्षता से निर्वहन किया, भाजपा सरकार ने उन्हें चुन-चुनकर दुर्भावनावश सजा देने का काम किया। सिवाय माननीय हाईकोर्ट के जिन्होंने न्याय की आस्था को जीवित रखा। हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप कर 21 सितंबर को पड़े 19 मतों की मतगणना का रास्ता साफ किया, और कांग्रेस को जीत मिली।
सीकर SP से लेकर खाटूश्यामजी SDM, डिप्टी, सीआई सहित सबका तबादला
डोटासरा ने लिखा- सीकर SP से लेकर खाटूश्यामजी SDM, डिप्टी, सीआई और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों का आज एक साथ तबादला कर दिया। ये सत्ता की तानाशाही नहीं तो क्या है? लोकतंत्र में अधिकारियों की जिम्मेदारी संविधान और कानून के प्रति है, लेकिन सत्ताधारी दल भाजपा कर्मचारियों को राजनीतिक मोहरा बनाना चाहती है। चुनाव के बाद अधिकारियों को निशाना बनाकर डर का संदेश देने की कोशिश लोकतंत्र का बेहद शर्मनाक मजाक है। सत्ता आती-जाती रहती है, संविधान और लोकतंत्र स्थायी हैं।

जूली का पलटवार, खाटूश्यामजी में बीजेपी का अध्यक्ष नहीं बना तो बौखलाहट
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने लिखा- खाटू में भाजपा का चेयरमैन नहीं बना तो सरकार बौखला उठी। आज आचार संहिता में खाटू SDM, थानेदार, DSP और SP का तबादला कर दिया। मुख्यमंत्री जी, भाजपा राज में यह कोई नया कानून है क्या? जो सत्ता के खेल में आपका साथ न दे, उसका तबादला कर दो? यह शासन नहीं, हार की जलन, सत्ता की हताशा और अहंकार है।
कांग्रेस का तंज- चार जिलों में चुनाव क्यों नहीं हैं? कहा था न आपके काकाजी भी वन स्टेट, वन इलेक्शन नहीं करवा पाएंगे
चार जिलों के चुनाव दिसंबर में करवाए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। राजस्थान कांग्रेस ने एक्स पर लिखा- मुख्यमंत्री जी, कहा था ना, “वन स्टेट, वन इलेक्शन” आपके काका जी भी नहीं करवा पाएंगे! क्योंकि “कुर्सी” काका जी ने नहीं, संविधान ने दी है। आपका सिर्फ राज है, और उसकी कुर्सी इतनी “कमजोर” है कि पंचायत चुनाव भी सभी जिलों में एक साथ नहीं करवा पा रहे।
राजस्थान की जनता को जवाब दीजिए इन चार जिलों में चुनाव क्यों नहीं है?
कांग्रेस ने लिखा- पहले निकाय एवं पंचायत चुनाव एक साथ नहीं करवा पाए, और अब बारां, कोटा, श्रीगंगानगर और करौली में चुनाव से पीछे हट रहे हैं। मुख्यमंत्री जी, आपकी कथनी और करनी का फर्क राजस्थान देख रहा है। हार के डर से जनता को गुमराह कर निकायों और पंचायतों को निर्वाचित प्रतिनिधियों के बजाय प्रशासकों के भरोसे छोड़ दिया।राजस्थान की जनता को जवाब दीजिए इन चार जिलों में चुनाव क्यों नहीं है?
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