सीहोर जिले में रक्षाबंधन का त्योहार पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में बहनों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मुख्य बाजार, सराफा बाजार, गांधी रोड, कोतवाली चौराहा और मेन रोड पर राखियों तथा मिठाइयों की दुका
.
इस साल रक्षाबंधन पर बाजार में राखियों की कई नई और आकर्षक वैरायटी उपलब्ध हैं। बड़ों के लिए रेशमी धागे, चंदन, रुद्राक्ष, कुंदन और वर्क वाली पारंपरिक राखियां पहली पसंद बनी हुई हैं। वहीं, बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई नवीनतम डिजाइन की राखियां मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं।

कई आधुनिक राखियां सजाई गई बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए दुकानों पर कई आधुनिक राखियां सजाई गई हैं। डोरेमोन, शिनचैन, छोटा भीम, मोटू-पतलू, स्पाइडरमैन और अवेंजर्स थीम वाली कार्टून राखियों की सबसे अधिक मांग है।
बटन दबाने पर रंग-बिरंगी एलईडी लाइट से जगमगाने वाली और धुन बजाने वाली राखियां बच्चों को खूब पसंद आ रही हैं। सॉफ्ट सिलिकॉन से बनी 3D कैरेक्टर राखियां बच्चों की कलाई के लिए सुरक्षित और आकर्षक हैं।
खिलौने भी बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने राखियों में लगे छोटे फिजेट स्पिनर, पॉप-इट और मिनी कार वाले खिलौने भी बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पर्यावरण जागरूकता के तहत तुलसी और सूरजमुखी के बीजों से बनी ईको-फ्रेंडली राखियां भी लोगों द्वारा पसंद की जा रही हैं।
राखियों के साथ-साथ शहर की प्रसिद्ध मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ देखी जा रही है। घेवर, काजू कतली, सोनपापड़ी और गुलाब जामुन जैसी मिठाइयों की खरीदारी के लिए लंबी कतारें लगी हैं। त्योहार के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा तथा यातायात की सुगम व्यवस्था के लिए बाजारों में विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि लोग शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मना सकें।
