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हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित एलपीए-1054/2026 के अंतिम निर्णय तक ग्रुप A व B के केसों में पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देकर कोई प्रमोशन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय सभी पात्र कर्मचारियों को लागू सेवा नियमों के तहत वरिष्ठता-सह-योग्यता (Seniority-cum-Merit) के आधार पर पदोन्नति दी जाएगी। मानव संसाधन विभाग ने 3 अगस्त को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी करते हुए 19 दिसंबर 2023 के पुराने आदेश वापस ले लिए हैं। नए निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने आदेश में कहा है कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण के तहत निर्धारित प्रमोशनल पद फिलहाल न तो भरे जाएंगे और न ही समाप्त किए जाएंगे। ये पद हाईकोर्ट के अंतिम फैसले तक सुरक्षित रखे जाएंगे। यानी फिलहाल आरक्षण के आधार पर किसी को पदोन्नति नहीं मिलेगी।
SC कर्मचारियों के प्रमोशन पर नहीं लगेगी रोक सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अनुसूचित जाति कर्मचारी सेवा नियमों के अनुसार वरिष्ठता-सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति का पात्र है, तो उसे सिर्फ इसलिए प्रमोशन से वंचित नहीं किया जाएगा कि फिलहाल आरक्षण लागू नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं, ऐसे कर्मचारियों की पदोन्नति को भी सरकार द्वारा निर्धारित 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व में शामिल माना जाएगा। हाईकोर्ट के फैसले के बाद बदली व्यवस्था यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें 7 अक्टूबर 2023 की आरक्षण संबंधी अधिसूचना को बरकरार रखते हुए सरकार को ‘क्रीमी लेयर’ को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने के निर्देश दिए गए थे। राज्य सरकार ने इस आदेश को एलपीए के जरिए चुनौती दी है, जिस पर अभी अंतिम फैसला आना बाकी है।
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SC कर्मचारियों की प्रमोशन पर सरकार का बड़ा फैसला:आरक्षण पर ब्रेक, वरिष्ठता के आधार पर होंगे प्रमोशन; हाईकोर्ट में लंबित रहने तक नई व्यवस्था
