सिरसा के वैदवाला में जलघर की टंकी पर चढ़े किसान और आज खेतों से टावर लाइनें उखाड़ने का ऐलान
सिरसा जिले के वैदवाला गांव में बिजली टावर के लिए अधिकृत की गई जमीन के मुआवजा मामले में किसान संगठनों का प्रशासन को दिया अल्टीमेटम खत्म हो गया है। आज 19 अगस्त को किसानों ने खेतों से टावर लाइन उखाड़ने की चेतावनी दी हुई है। इस कॉल पर ग्रामीण, किसान और अन
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किसानों व धरना कमेटी की कल मंगलवार को दिनभर प्रशासन से बात चलती रही, लेकिन वो सिरे नहीं चढ़ पाई। कमेटी की सीएम से मीटिंग कराने की मांग थी। प्रशासन की ओर से देर शाम तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। ऐसे में किसानों ने लाइनें उखाड़ने का अल्टीमेटम बरकरार रखा है। आज बुधवार सुबह 10 बजे तक सभी किसान-ग्रामीण जुटना शुरू होंगे।
इसके चलते पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया है और सुरक्षा के चलते व्यवस्था करने में जुटा है। गांव में एंट्री को लेकर पुलिस सख्ती कर सकती है। पिछले दो दिनों के बाद रात से ही धरने पर भी लोगों की भीड़ बढ़ना शुरू हो गई है। रात को भी पुलिस भी पहुंची। डीएसपी भी किसानों से बात करने पहुंचे और उनको समझाने की कोशिश की, पर वे नहीं माने।

धरने पर रात्रि को मौजूद ग्रामीण, किसान व महिलाएं
चढ़ूनी स्वयं आ सकते हैं वैदवाला
किसान नेता मैक्स साहूवाला ने बताया कि चढ़ूनी ग्रुप से राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी अंबाला सिख संगत-पुलिस टकराव मामले में गुरुद्वारा सिख प्रबंधक कमेटी के मेंबरों के साथ सीएम नायब सिंह सैनी से मिलने के लिए गए हुए थे। हमने उनको ही जिम्मा सौंप दिया था कि टावर मामले में बात हो जाए। उनकी भी चर्चा नहीं हो पाई। ऐसे में कल गुरनाम चढ़ूनी स्वयं भी आ सकते हैं।

वैदवाला के खेतों में बिछाई गई टावर लाइन, जिसे किसानों ने उखाड़ने की चेतावनी दी
6 दिन जलघर की टंकी पर चढ़े किसान
वैदवाला में जलघर की टंकी पर चढ़े खेत मालिक भूपेंद्र सिंह और किसान वेदप्रकाश को छह दिन बीत गए। अभी तक दोनों नीचे नहीं उतरे। किसानों को जबरदस्ती उतारने एवं पुलिस आने के बाद सभी किसान संगठन एकजुट होना शुरू हो गए और सभी संगठनों ने समर्थन दिया है।
सोमवार शाम को प्रशासन की टीम पुलिसबल के साथ वैदवाला में धरने पर पहुंची थी। इस दौरान टीम ने पहले टंकी के चोरों ओर जाल लगाने की कोशिश की, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। किसानों का आरोप है कि टीम ने टंकी से दोनों किसानों को नीचे उतारने की जबरदस्ती की। इसका धरनारत ग्रामीणों ने विरोध किया तो टीम वापस लौट गई। इसका किसानों में रोष है।
इसके कुछ देर बाद चढ़ूनी ग्रुप से जुड़े किसान नेता का काफिला गाड़ियां लेकर धरने पर पहुंचा और मीटिंग की। इसमें बाकी किसान संगठन नेताओं को भी बुलाया गया। वहीं, टीम का कहना था कि वे सिर्फ जाल लगाने आए थे, किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की।

वैदवाला में सोमवार को पुलिस प्रशासन की टीम धरने पर आई थी, जिसे गांव वालों ने लौटा दिया था
