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विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम में इस वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 3 अगस्त तक 6.55 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए, जो धाम के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है। यह उपलब्धि कठिन भौगोलिक परिस्थिति
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श्री यमुनोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं उपजिलाधिकारी बड़कोट, बृजेश कुमार तिवारी ने समिति के सचिव सुनील उनियाल और प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल के साथ संयुक्त रूप से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यमुनोत्री धाम में पिछले कुछ वर्षों से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, और इस वर्ष अगस्त के पहले सप्ताह तक ही पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं।
समिति के पदाधिकारियों ने पिछले वर्षों के आंकड़े भी साझा किए। वर्ष 2025 में 6.44 लाख, 2024 में 5.15 लाख, 2023 में 5.61 लाख, 2022 में 6.21 लाख और 2021 में 33,331 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम के दर्शन किए थे। इस वर्ष अगस्त के पहले सप्ताह तक 6.55 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा इन सभी वर्षों से अधिक है।
मंदिर समिति के अधिकारियों ने बताया कि यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज पर्व तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। ऐसे में आगामी महीनों में तीर्थयात्रियों की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। यदि मौसम अनुकूल रहा, तो इस वर्ष कुल तीर्थयात्रियों का आंकड़ा एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।
चारधाम यात्रा के दौरान प्रशासन, पुलिस, मंदिर समिति, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से यात्रा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन उपलब्ध कराने के लिए लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।
यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से स्थानीय व्यापार, पर्यटन, होटल व्यवसाय, घोड़ा-खच्चर संचालकों, डंडी-कंडी सेवाओं और अन्य स्थानीय रोजगार से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है। इससे क्षेत्र की आर्थिकी को भी उल्लेखनीय मजबूती मिली है।
