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Yogini Ekadashi 2026 | Grihasth Vrat Punya


पटना29 मिनट पहले

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आषाढ़ कृष्ण एकादशी में आज शुक्रवार को योगिनी एकादशी का व्रत किया जाएगा। आज सुबह 09:48 बजे तक भरणी नक्षत्र इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र के साथ शूल योग और सिद्ध योग का सुयोग बन रहा है।

इस दिन एकादशी का व्रत केवल गृहस्थ जन ही करेंगे। वहीं वैष्णवजन और साधु-संत कल 11 जुलाई शनिवार को एकादशी का व्रत रखेंगे। इस एकादशी का व्रत और श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से 88 हजार ब्राह्मण देवता को भोजन कराने के समान पुण्य मिलता है।

इसीलिए हिन्दू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व है। एकादशी व्रत करने से भगवान नारायण की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है।

सिद्ध योग में 10 को योगिनी एकादशी

ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने कहा कि योगिनी एकादशी पर आज सिद्ध योग का सुयोग बना है। इस शुभ संयोग में एकादशी का व्रत करने और जगत के पालनहार प्रभु श्रीहरि की पूजा के बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ, रामचरितमानस आदि के पाठ करने से श्रद्धालु के लिए मुक्ति का द्वार खुल जाते है।

भगवान विष्णु की कृपा से भक्त के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। सभी सांसारिक सुखों को भोगकर अंत में मनुष्य मुक्ति पा जाता है। भक्त की मनोकामना पूर्ण, घर में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है।

आरोग्यता दिलाता है योगिनी एकादशी

मार्कण्डेय ऋषि द्वारा कथित हेममाली-कुबेर की कथा के अनुसार आषाढ़ कृष्ण एकादशी को व्रत करके भगवान पुण्डरीकाक्ष का विधिवत पूजन कर उनके ऊपर चढ़ाये गये जल से शरीर का मार्जन करने से कुष्ठ जैसे असाध्य रोग व चर्म रोग से छुटकारा मिलता है। श्रद्धालु को आरोग्यता का वरदान मिलता है। निरोग काया, नकारात्मक ऊर्जा का ह्रास, नजर दृष्टि दोष से मुक्ति, उदर पीड़ा, चर्म रोग से लाभ मिलता है।

एकादशी के व्रत से गौदान का पुण्य

ज्योतिषी झा के अनुसार एकादशी के दिन पीताम्बरधारी भगवान विष्णु की विधिवत पूजा और मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करने से निरोग्यता, ऐश्वर्य, सांसारिक सुख व परमलोक की प्राप्ति होती है।

इस दिन गोदान, वस्त्रदान, छत्र, जूता, फल, सत्तू, सुपारी, जनेऊ, जलघट, पंखा आदि का दान करना बहुत ही पुण्यदायक होता है। इसके अलावे इन सामग्रियों के दान करने से स्वर्ण दान का फल मिलता है। इस व्रत व दान आदि से श्रद्धालुओं को करोड़ों गौ दान के समान फल प्राप्त होता है।



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