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आगरा में प्रतिबंध के बावजूद भट्ठियों में कोयले का प्रयोग किया जा रहा है। नगर निगम की कार्रवाई भी बेअसर साबित हो रही है। पिछले 6 दिनों में नगर निगम की टीम 5 विभिन्न होटल और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई कर चुकी है। इस दौरान भट्ठियों को न सिर्फ तोड़ा गया बल्कि जुर्माना भी लगाया गया।
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आगरा में ताजमहल और पर्यावरण के संरक्षण को देखते हुए ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में कोयला का प्रयोग प्रतिबंधित है। ऐसे में कोयला भट्ठी भी नहीं जला सकते। होटल या रेस्टोरेंट भी कोयला भट्ठी प्रयोग नहीं होगी। इसके बावजूद कई होटलों में कोयला भट्ठी जलाई जा रही है।
इसकी रोकथाम के लिए नगर निगम की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले 6 दिनों में 5 होटल व रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की जा चुकी है। 5 सितंबर को यहां की कार्रवाई
जेडएसओ योगेंद्र कुशवाहा और एसएफआई मलखान सिंह के नेतृत्व में टीम ने फतेहाबाद रोड स्थित दो स्थानों पर भट्ठियां संचालित मिलीं। टीम ने तत्काल भट्ठियों को पानी डालकर बुझाया और संचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की। नगर निगम की ओर से दोनों प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया। 3 सितंबर को यहां की कार्रवाई
ताजगंज क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो प्रतिष्ठानों से कुल 11 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूल किया। इस दौरान कोयले से संचालित भट्ठी में पानी डालकर उसे ठंडा कराया गया और भविष्य में दोबारा संचालन मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
जेडएसओ योगेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में फतेहाबाद रोड स्थित सुड्डा पंजाबी ढाबा पर कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का शमन शुल्क लगाया। एक सितंबर को यहां की कार्रवाई
नगर निगम के जोनल स्वच्छता अधिकारी (जेडएसओ) ताजगंज योगेंद्र कुशवाहा ने ताजनगरी फेस-वन स्थित होटल ताज सिटी और ताज सी-वन में कोयले से संचालित भट्टियां जब्त कीं। नगर आयुक्त ने दी चेतावनी
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा, शहर की आबोहवा खराब करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को नियमों की अनदेखी नहीं करने दी जाएगी। एनजीटी और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। कोयला संचालित भट्ठियां या तंदूर चलते मिले तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ भी अभियान लगातार जारी रहेगा।
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आगरा में 6 दिन में 5 रेस्टोरेंट-होटल पर कार्रवाई:प्रतिबंध के बावजूद कोयला भट्ठी प्रयोग करना पड़ा महंगा
