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आज का एक्सप्लेनर:अभिनंदन ने वायुसेना छोड़कर प्राइवेट एयरलाइन क्यों जॉइन कर ली; उन्हें छुड़ाने के लिए भारत ने पाकिस्तान पर मिसाइलें तान दी थी




मिग-21 से पाकिस्तानी F-16 गिराने वाले फाइटर पायलट अभिनंदन वर्धमान ने प्राइवेट एयरलाइन जॉइन कर ली है। उन्होंने ३१ मार्च 2026 को भारतीय वायुसेना छोड़ दी, जबकि सामान्य रिटायरमेंट 2037 में होना था। अभिनंदन अब गोवा की प्राइवेट एयरलाइन कंपनी ‘FLY 91’ के लिए ATR विमान उड़ाएंगे। फरवरी 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान अभिनंदन नेशनल हीरो बने। जब ‘डॉग फाइट’ में F-16 गिराते हुए, उनका मिग-21 भी PoK में क्रैश हो गया था। पाकिस्तान सेना ने उन्हें पकड़ लिया। चौतरफा दबाव के बीच 58 घंटे बाद भारत को लौटाया गया। क्या है उन 58 घंटों की कहानी, भारत लौटने के बाद अभिनंदन के साथ क्या हुआ और अब प्राइवेट एयरलाइन क्यों जॉइन कर ली है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… 14 फरवरी 2019, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आतंकी हमला हुआ। 40 जवान शहीद हो गए। 26 फरवरी की रात भारतीय वायुसेना ने LoC से 80 किमी अंदर तक पाकिस्तान में जैश के आतंकी अड्डे तबाह कर दिए। 27 फरवरी की सुबह पाकिस्तान ने पलटवार किया। F-16 फाइटर जेट्स ने भारत की तरफ उड़ान भरी। अभिनंदन तब श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात थे। 10 बजकर 02 मिनट पर एक F-16 ने भारतीय सेना का ऑयल स्टोरेज उड़ाने की कोशिश की। भारत की तरफ से ‘सुखोई-30’ और ‘मिग-21 बाइसन’ को उतारा गया। ‘विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ए-रियल हीरो’, किताब लिखने वाले प्रह्लाद नारायण माथुर बताते हैं कि मिग-21 में अभिनंदन वर्धमान थे। करीब 10:20 बजे एक F-16 का पीछा करते हुए उनका विमान जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर के पास PoK में घुस गया। अभिनंद को रडार पर 35 किमी के अंदर दो F-16 के संकेत मिले। उन्होंने क्लोज कॉम्बैट मोड चालू कर दिया। करीब 20 हजार की ऊंचाई पर R-73 मिसाइल की लॉक-ऑन टोन सुनाई दी। यानी मिसाइल रेंज के अंदर किसी टारगेट पर निशाना साध चुकी थी। अभिनंदन ने बिना देरी किए मिसाइल दाग दी। करीब 45 सेकेंड बाद एक अन्य पाकिस्तानी F-16 जेट से चली मिसाइल ने अभिनंदन के मिग-21 को हिट किया। अभिनंदन ने खुद को इजेक्ट किया और वे पैराशूट के जरिए नीचे उतरे। घायल अभिनंदन ने कुछ गांव वालों का शोर सुना। उन्होंने पूछा- ये भारत है या पाकिस्तान? गांव वालों ने कहा- ‘भारत है।’ अभिनंदन ने कहा- ‘भारत माता की जय…जय हिंद।’ गांव वालों ने जवाब नहीं दिया। फिर अभिनंदन ने पूछा- ‘ये भारत का कौन सा इलाका है? कुछ गांव वाले ‘पाकिस्तानी आर्मी जिंदाबाद’ के नारे लगाने लगे। अभिनंदन ने सर्विस रिवॉल्वर तान ली, तो वे पत्थर बरसाने लगे। अभिनंदन समझ चुके थे। उनके पास कुछ गोपनीय दस्तावेज थे। उन्होंने हवा में फायर किया और भागने लगे। आधा किलोमीटर बाद अभिनंदन ने दस्तावेजों को तालाब में भिगोकर खराब कर दिया और कुछ दस्तावेज खा गए। गांववालों ने अभिनंदन को पकड़कर मारपीट की। इसके बाद पाक आर्मी के दो अफसर पहुंचे और पूछताछ की। अभिनंदन ने कहा- ‘मैं विंग कमांडर अभिनंदन आईडी नंबर 27981। ‘अभिनंदन का चेहरा चोटिल था। उनको ब्लाइंडफोल्ड करके पाक जवान उन्हें यूनिट ले गए। हेडक्वार्टर में पाक मेजर ने अभिनंदन से पूछताछ की। जिनेवा संधि के तहत युद्ध बंदी से सिर्फ उसका नाम, सेना में पद और यूनिट पूछी जा सकती है। उसने पूछा- ‘आप कौन सा विमान उड़ा रहे थे?’ आपका मिशन क्या था? अभिनंदन के जवाब की खूब चर्चा हुई। उन्होंने हर बार कहा- ‘आइ एम नॉट सपोज्ड टू टेल यू दिस (यानी ये मैं आपको नहीं बता सकता।)’ इस दौरान अभिनंदन को पकड़ने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर आया। कन्फर्म हुआ कि वो जिंदा हैं और पाक आर्मी की कस्टडी में हैं। इसके बाद भारत सरकार एक्टिव हुई। पाकिस्तान को संदेश भिजवाया कि वो जिनेवा संधि के मुताबिक, अभिनंदन को वापस लौटाए। पाकिस्तान में तब के भारतीय राजदूत अजय बिसारिया के मुताबिक, वो दिल्ली में थे। उन्होंने पाकिस्तानी राजदूत के जरिए उनकी सरकार को संदेश भिजवाया कि अभिनंदन को कुछ हुआ, तो ठीक नहीं होगा। भारत सरकार ने कई और तरीकों से पाकिस्तान पर डिप्लोमैटिक दबाव बनाया। विदेश मंत्रालय ने भारत में P5 देश- चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के राजदूतों को बुलाया, ताकि ये लोग पाकिस्तान पर दबाव बनाएं। पाकिस्तान सरकार के पास अलग-अलग देशों के फोन जाने लगे तो, वो दबाव में नजर आने लगा। अजय बिसारिया ने भारत में अमेरिका और ब्रिटेन के राजदूतों के जरिए पाकिस्तान में उनके साथी राजदूतों को मैसेज पहुंचाया कि वो पाकिस्तान को बता दें कि भारत झुकने नहीं वाला है। बात युद्ध तक पहुंच सकती है। 27 फरवरी की शाम 4 बजे इस्लामाबाद की अमेरिकी एम्बेसी में US, UK और फ्रांस के राजदूतों की मीटिंग हुई। इन्होने पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जंजुआ को समझाया कि अभिनंदन को न सौंपने का क्या अंजाम हो सकता है। 5 बजकर 45 मिनट पर जंजुआ ने पाक आर्मी से आया एक नोट पढ़ा और गंभीर हो गईं। इसमें लिखा था- ‘भारत ने इधर मुंह करके 9 मिसाइलें तैनात कर दी हैं। कभी भी हमला हो सकता है।’ पाक विदेशी मंत्री ने कहा, खुदा के लिए पायलट को छोड़ दो पाकिस्तान के तब के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी पाक आर्मी चीफ बाजवा और कुछ मंत्रियों से बंद कमरे में बात की। बाजवा से कुरैशी ने कहा- ‘खुदा के लिए उस पायलट को सही-सलामत जाने दीजिए, नहीं तो रात नौ बजे इंडिया हमला कर देगा।’ इसके बाद पाक आर्मी राजी हुई। उस बैठक में मौजूद पाकिस्तानी सांसद अयाज सादिक ने बताया था कि बाजवा से बात करते हुए कुरैशी के माथे पर पसीना था और उनके पैर कांप रहे थे। अजय बिसारिया अपनी किताब ‘एंगर मैनेजमेंट: द ट्रबल डिप्लोमैटिक रिलेशनशिप बिटविन इंडिया एंड पाकिस्तान’ में बताते हैं कि उस रात पाकिस्तान पीएम इमरान खान, पीएम मोदी से बात भी करना चाहते थे। फिर दिल्ली में अमेरिका और ब्रिटेन के राजदूतों ने अजय को बताया कि पाकिस्तान अभिनंदन को छोड़ने को तैयार हैं। अगले दिन 28 फरवरी को पाकिस्तानी संसद में इमरान ने ऐलान किया- शांति संदेश के तौर पर हम अभिनंदन को रिहा कर रहे हैं।’ पाकिस्तान सरकार ने कहा कि वो दोपहर दो से पांच बजे वाघा बॉर्डर पर अभिनंदन को सौंपेगा। भारत ने तय किया कि पाकिस्तान में भारत के दूतावास में तैनात कैप्टन जॉय कुरियन वाघा जाएंगे। अभिनंदन को इस्लामाबाद से लाहौर लाया गया। रात 9:21 बजे अभिनंदन भारत की सीमा में पहुंचे। इस वक्त तक पाकिस्तान की हिरासत में उनके 58 घंटे पूरे हो चुके थे। फाइटर जेट से इजेक्ट करने पर पीठ में चोट आने का खतरा रहता है। अभिनंदन को भी पसली में फ्रैक्चर हुआ था और पीठ, रीढ़ के निचले हिस्से में चोट लगी थी। ऐसे मामलों में चोट ठीक होने के बाद ही पायलट को मेडिकल क्लियरेंस दिया जाता है। IAF बेंगलुरु के इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन में अभिनंदन की मेडिकल जांच के बाद 8 अगस्त 2019 को उन्हें दोबारा विमान उड़ाने की मंजूरी मिली। अभिनंदन दोबारा ऑपरेशनल फ्लाइंग ड्यूटी पर लौटे और 23 अगस्त से दोबारा मिग-21 उड़ाना शुरू कर दिया था। 2 सितंबर 2019 को एयर चीफ मार्शल बी. एस. धनोवा ने अपने रिटायरमेंट से पहले उनके साथ पठानकोट एयरबेस के ऊपर 30 मिनट मिग-21 उड़ाया। हालांकि इस दौरान अभिनंदन कॉकपिट में पीछे की सीट पर बैठे थे। धनोवा ने तब पत्रकारों से कहा था, ‘मेरी आखिरी उड़ान अभिनंदन के साथ मेरे लिए बेहद खुशी की बात है, क्योंकि उन्हें अपनी फ्लाइंग कैटेगरी वापस मिल गई है। हर पायलट यही चाहता है। मैंने भी 1988 में प्लेन से इजेक्ट किया था। मुझे अपनी कैटेगरी वापस पाने में 9 महीने लगे थे। उन्हें तो 6 महीने से भी कम समय में मिल गई।’ अगर कोई प्लेन दुश्मन के इलाके में पहुंच जाए, तो ये जांच भी होती है कि पायलट से कोई चूक या कोई मिसकंडक्ट, यानी नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। हालांकि अभिनंदन के प्लेन के साथ हादसा दुश्मन के प्लेन से ‘डॉग फाइट’, यानी हवाई संघर्ष के दौरान हुआ था। अभिनंदन के मामले में इंटर्नल जांच की कोई रिपोर्ट नहीं है। उल्टा उनकी सराहना हुई, क्योंकि उन्हें एक छोटे और कम एडवांस्ड मिग-21 प्लेन से पाकिस्तान का एडवांस्ड F-16 प्लेन उड़ा दिया था। उन्हें 2021 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीर चक्र भी दिया। ये जंग के दौरान बहादुरी के लिए मिलने वाला तीसरा सबसे बड़ा पुरस्कार है। अभिनंदन बाद में विंग कमांडर से प्रमोट होकर ग्रुप कैप्टन बने थे। अब 31 मार्च 2026 को उन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट लेकर प्राइवेट एयरलाइंस ‘फ्लाई-91’ जॉइन कर ली है। अभिनंदन ने 2004 में एयरफोर्स जॉइन की थी। पेंशन के लिए 20 साल की सर्विस होनी चाहिए। जबकि अभिनंदन को सर्विस में 22 साल हो चुके हैं। अभी उनकी उम्र 43 साल है। ग्रुप कैप्टन और उससे नीचे की रैंक वाले एयरफोर्स कर्मियों के लिए रिटायरमेंट की उम्र 54 साल होती है। इस हिसाब से अभिनंदन का सामान्य रिटायरमेंट 11 साल बाद होना था। अगर अभिनंदन नौकरी में रहते, तो एयर कमोडोर, मार्शल और फिर वायुसेना के सर्वोच्च पद एयर चीफ मार्शल तक जा सकते थे। हालांकि एविएशन एक्सपर्ट अनंत सेठी कहते हैं, ‘ग्रुप कैप्टन की रैंक के आसपास एयरफोर्स से अपनी इच्छा से रिटायरमेंट लेकर कमर्शियल फ्लाइंग में आना असामान्य बात नहीं है, लेकिन अगर किसी पायलट ने कभी फाइटर प्लेन से इजेक्ट किया हो, तो फिर इसकी एक वजह उनकी फिटनेस भी हो सकती है।’ अनंत के मुताबिक… अनंत ये भी बताते हैं कि सामान्य स्थितियों में भी ग्रुप कैप्टन की रैंक पर मेडिकल फिटनेस टेस्ट होते हैं और अगर इसमें किसी कमी के चलते उनका आगे प्रमोशन नहीं हो पा रहा, तो वो रिटायरमेंट ले सकते हैं। कमर्शियल पायलट्स को करीब 3 से 4 गुना ज्यादा पैसा मिलता है। 28 मई 1999 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंबमपति नचिकेता को भी कारगिल युद्ध के दौरान मिग-27 विमान से इजेक्ट करना पड़ा था। 8 दिन कैद में रखने के बाद 3 जून को उन्हें पाकिस्तान ने रिहा कर दिया था। हालांकि रीढ़ की चोट की वजह से वे दोबारा फाइटर जेट नहीं उड़ा सके। उन्होंने बाद में ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाए और फिर ग्रुप कैप्टन की रैंक से रिटायरमेंट लेने के बाद वो कमर्शियल पायलट बन गए। हालांकि अभिनंदन ने एयर फोर्स से प्री-मैच्योर रिटायरमेंट और प्राइवेट एयरलाइन जॉइन करने की वजहों पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। ये खबर भी पढ़ें… कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने दिए हर जवाब:कैसे, कहां और क्यों लिया गया ऑपरेशन सिंदूर का फैसला; किन हथियारों को आजमाया ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग के लिए कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह सामने आईं। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी थे। ब्रीफिंग से पहले आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक का 2 मिनट का वीडियो प्ले किया गया। इसमें दिखाया कि मंगलवार रात 1:04 बजे से 1:11 बजे के बीच 7 मिनट में 9 टारगेट तबाह किए गए। पूरी खबर पढ़ें…



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