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बालाघाट जिले के आदिवासी इलाकों में बच्चे लगातार बीमार हो रहे हैं। पिछले ढाई महीने में करीब 30 बच्चों की मौत होने का दावा किया जा रहा है। स्वास्थ्य और प्रशासन पर सवाल उठने के बीच, गुरुवार को जिला प्रशासन ने एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में सार्वजनिक जगहों, अस्पतालों और स्कूलों में बिना इजाजत फोटो, वीडियो और रील बनाने पर रोक लगा दी गई है। इसका उल्लंघन करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। लोग क्या कह रहे? वरिष्ठ पत्रकार कैलाश साहू बताते हैं कि ऐसा कोई आदेश पहले कभी जारी नहीं हुआ। उनका कहना है कि इस आदेश से लगता है कि बैगा बच्चों की असमय मौत से जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से आनन-फानन में यह आदेश सिर्फ बालाघाट जिले में लागू किया गया है। इससे लगता है कि प्रशासन सच्चाई जनता के सामने नहीं आने देना चाहता। यह प्रतिबंधात्मक आदेश अपर जिला दंडाधिकारी डी.पी. बर्मन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया है। यह आदेश बालाघाट जिले की पूरी राजस्व सीमा में 3 सितंबर से तुरंत लागू होकर 3 नवंबर तक जारी रहेगा। आदेश के अनुसार, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में सक्षम अधिकारी या संस्था प्रमुख की इजाजत के बिना मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों या इलाज से जुड़ी गतिविधियों की फोटो, वीडियो या रील बनाना मना होगा। इससे मरीज की निजता, सम्मान, इलाज या मेडिकल काम पर असर नहीं पड़ना चाहिए। इसी तरह सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों और दूसरी शिक्षण संस्थाओं में संस्था प्रमुख की इजाजत के बिना छात्रों (खासकर नाबालिगों), शिक्षकों या पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों की फोटो, वीडियो या रील बनाकर सोशल मीडिया पर नहीं डाली जा सकेगी। अगर इससे छात्रों की पहचान, सुरक्षा, निजता या पढ़ाई की व्यवस्था पर असर पड़ता हो। आदेश में कहा गया है कि यह आम लोगों की सुरक्षा, मरीजों की निजता और सम्मान, छात्रों की सुरक्षा, सरकारी रिकॉर्ड की गोपनीयता और सरकारी, मेडिकल व शैक्षणिक कामों को ठीक से चलाने और शांति बनाए रखने के लिए जारी किया गया है।
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बालाघाट के अस्पतालों-स्कूलों में फोटो-वीडियो बनाने पर रोक:उल्लंघन पर आपराधिक केस होगा, ढाई महीने में 30 बच्चों की मौत के दावों के बीच आया आदेश
