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दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में गुरुवार को कई पहल शुरू कीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डीटीसी के तेहखंड डिपो में स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) का उद्घाटन किया। साथ ही हसनपुर और गाजीपुर डिपो में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए और 50 नई शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। दिल्ली-रेवाड़ी के बीच अंतरराज्यीय ई-बस सेवा भी शुरू की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल समस्याओं पर चर्चा करना नहीं, बल्कि उनके स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सेफ्टी, सस्टेनेबिलिटी, सीमलेस कनेक्टिविटी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देने की बात कही। नई इलेक्ट्रिक बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन समेत सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। तेहखंड में सालाना 72 हजार वाहनों की फिटनेस जांच तेहखंड में शुरू हुआ चार-लेन एटीएस दिल्ली का दूसरा स्वचालित परीक्षण केंद्र है। यहां सालाना 72 हजार वाहनों की फिटनेस जांच हो सकेगी। इनमें 52 हजार भारी और हल्के मोटर वाहन तथा 20 हजार दोपहिया वाहन शामिल हैं। ब्रेक, सस्पेंशन, हेडलाइट अलाइनमेंट, साइड-स्लिप और उत्सर्जन समेत विभिन्न जांचें स्वचालित तरीके से होंगी। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होने के साथ पारदर्शिता बढ़ेगी। बस बेड़ा 6,840 हुआ 50 नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली का कुल बस बेड़ा करीब 6,840 हो गया है। इसमें 5,088 इलेक्ट्रिक और 1,752 सीएनजी बसें हैं। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028-29 तक बसों की संख्या करीब 14 हजार करने का है। दिल्ली-रेवाड़ी ई-बस सेवा शुरू नई ई-बस सेवा धौला कुआं-गुरुग्राम-मानेसर-धारूहेड़ा-रेवाड़ी मार्ग पर चलेगी। करीब 86 किमी यात्रा का किराया 153 रुपये होगा। वहीं हसनपुर और गाजीपुर में 240 किलोवाट क्षमता के चार-चार ईवी चार्जर लगाए गए हैं।
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दिल्ली में 50 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू:तेहखंड में ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर का उद्घाटन, हसनपुर-गाजीपुर में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी खुले
