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उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद के बीच शनिवार शाम भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद उज्जैन पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले शाही मस्जिद मामले से जुड़े याचिकाकर्ता रहे अरशद के घर पहुंचकर परिजन से मुलाकात की। इसके बाद वे काफिले के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। यहां कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा से करीब 10 मिनट बंद कमरे में चर्चा की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मसूद ने कहा कि उनकी दो प्रमुख मांगें हैं। पहली, मस्जिद के क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत हो और दूसरी, पुलिस की धरपकड़ में बेवजह लोगों को परेशान नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मस्जिद का क्षतिग्रस्त हिस्सा 15-20 दिन में तैयार कर दिया जाएगा। मसूद ने मीनार गिरने की घटना की जांच की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि दुकानें और उनके ऊपर बने छज्जे हटाए जाने की कार्रवाई के दौरान अचानक मीनार गिरना जांच का विषय है। काजी के घर पथराव पर बोले- गलत हुआ, दोनों पक्ष संयम रखें शहर काजी के घर पथराव को लेकर पूछे गए सवाल पर मसूद ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि लड़कों में गुस्सा था, लेकिन अब शहर काजी को भी बड़प्पन दिखाते हुए लड़कों को माफ करना चाहिए और लड़कों को भी काजी साहब से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में कहीं न कहीं मिसकम्युनिकेशन हुआ है। मसूद के मुताबिक, लोगों तक पहुंचा संदेश और शहर काजी की ओर से बताई गई बातों में अंतर रहा, जिसके कारण गलतफहमी बनी। मसूद ने कहा कि अब इस मामले को पुरानी बातों में ले जाने के बजाय शांति का रास्ता अपनाना चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी पर भी नाराजगी आरिफ मसूद ने कहा कि इस समय टीका-टिप्पणी से लोगों की परेशानी बढ़ेगी। उन्होंने कहा, “पहले तो यह तय कर लें, हम लोग सियासत करना चाहते हैं या मजहबी बात कर रहे हैं। अगर हम मस्जिद की, इबादत की हिफाजत के लिए बात कर रहे हैं तो टीका-टिप्पणी बंद होना चाहिए। उन्होंने AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से शहर काजी को लेकर की गई टिप्पणी के सवाल पर भी कहा कि मौजूदा हालात में सभी को परेशानियां कम करने की कोशिश करनी चाहिए और टीका-टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
बोले- बेवजह किसी को न पकड़ा जाए मसूद ने पुलिस कार्रवाई को लेकर कहा कि उनके पास कई परिवारों के फोन आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस से कहा है कि भीड़ में खड़े होने मात्र के आधार पर लोगों को न पकड़ा जाए और फुटेज देखकर कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार, उन्होंने एसपी से कहा है कि “जो एफआईआर हुई है, उसके अलावा बेवजह किसी को न पकड़ा जाए।” मसूद ने यह भी कहा कि प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अब लोगों के घर जाकर धमकाने जैसी शिकायतें नहीं आएंगी।
स्थानीय कांग्रेस नेताओं के नहीं पहुंचने पर बोले
उज्जैन पहुंचने के बावजूद स्थानीय कांग्रेस नेताओं और विधायकों के साथ नहीं आने के सवाल पर मसूद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें भी इस बात का अफसोस है। मसूद ने कहा- ‘आपके सामने कहने में मुझे कोई शक नहीं है कि यह अफसोसनाक बात है। मैं प्रदेश अध्यक्ष और इंचार्ज जनरल सेक्रेटरी दोनों से इस बात की शिकायत करूंगा।’ बोले- उज्जैन का माहौल खराब न करें मसूद ने अंत में उज्जैन के लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उज्जैन में अच्छा माहौल है और एक बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है, इसलिए सभी को मिल-जुलकर सही रास्ता निकालना चाहिए। उन्होंने कहा, “बेजा एक-दूसरे पर आरोप न लगाएं, न लड़ें, न कमेटियां आपस में एक-दूसरे पर बयान दें।” मसूद ने यह भी कहा कि उन्हें प्रशासन ने बताया है कि मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है और वे खुद जाकर स्थिति देखेंगे।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष बोले- मस्जिद सुरक्षित, अफवाहों पर ध्यान न दें मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने शनिवार को उज्जैन की शाही मस्जिद का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण और मरम्मत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन नई मीनार को आधुनिक तकनीक से मजबूत तरीके से तैयार करने के निर्देश दिए। सड़क चौड़ीकरण के दौरान मीनार हटाने में क्षतिग्रस्त हुए हिस्से को भी बेहतर तकनीक और मजबूत निर्माण पद्धति से तैयार करने की बात कही। निरीक्षण के बाद पटेल ने शहर काजी से मुलाकात कर मस्जिद के निर्माण, चौड़ीकरण और मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने शाही मस्जिद के पूर्व सदर अरशद खान के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना भी व्यक्त की। पटेल ने कहा कि मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी पर उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का नाम लेते हुए कहा कि कुछ लोग लोगों को भड़काने को अपना व्यवसाय बना चुके हैं। उन्होंने समाज से तथ्य देखकर प्रतिक्रिया देने की अपील की। पत्थरबाजी मामले में उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर दोषियों की पहचान हो और किसी निर्दोष को आरोपी न बनाया जाए।
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