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एडवांस न्यूरो सेंटर में शुरू हुई सीटी स्कैन सुविधा:मरीजों को दूसरे सेंटर नहीं जाना पड़ेगा, पीएम ने 17 जुलाई को कियी उद्घाटन




पीजीआई के एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू हो गई है। अब न्यूरो मरीजों को सीटी स्कैन कराने के लिए दूसरे विभाग या सेंटर में ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे खासकर गंभीर और इमरजेंसी मरीजों की जांच में लगने वाला समय बचेगा और रिपोर्ट मिलने के बाद इलाज भी जल्द शुरू किया जा सकेगा। पहले एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर में भर्ती मरीजों को सीटी स्कैन के लिए दूसरे स्थान पर ले जाना पड़ता था। गंभीर मरीजों को शिफ्ट करने में अतिरिक्त समय और स्टाफ की जरूरत पड़ती थी। कई बार मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी चुनौतीपूर्ण होता था। अब सेंटर में ही सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध होने से यह परेशानी काफी कम होगी। दूसरे सेंटर ले जाने पड़ते थे मरीज पीजीआई में न्यूरो मरीजों को सीटी स्कैन के लिए दूसरे सेंटर ले जाने की समस्या थी। पीजीआई निदेशक ने जल्द ही एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर में सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाएं शुरू करने की बात कही थी। अब सीटी स्कैन सुविधा शुरू कर दी गई है। इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा सिर में चोट, ब्रेन में ब्लीडिंग, स्ट्रोक, ट्यूमर और अन्य गंभीर न्यूरोलॉजिकल मामलों में होगा। डॉक्टरों को मरीज की जांच रिपोर्ट उसी सेंटर में मिलने से इलाज का फैसला जल्दी लिया जा सकेगा। पीएम मोदी ने 17 जुलाई को किया था उद्घाटन एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को उद्घाटन किया था। उन्होंने पीजीआई में एडवांस मदर एंड चाइल्ड सेंटर के साथ एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर का उद्घाटन किया था। इसी दौरान 150 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला भी रखी गई थी। यह 300 बेड का सेंटर है, जहां न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-क्रिटिकल केयर और एडवांस डायग्नोस्टिक सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य गंभीर न्यूरो मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। अब मरीजों को कम करना पड़ेगा सफर सीटी स्कैन के लिए मरीज को दूसरे विभाग में ले जाने की जरूरत खत्म होने से डॉक्टरों और परिजनों दोनों को राहत मिलेगी। खासकर उन मरीजों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी, जिन्हें तत्काल जांच की जरूरत होती है। जांच और इलाज की प्रक्रिया एक ही सेंटर में होने से समय की बचत होगी और मरीज को भी अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।



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