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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि अब वे तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं। मुरुगन ने 13 अक्टूबर को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की तारीफ करते हुए अपने राजनीतिक सफर, सरकार में मिली जिम्मेदारियों और तमिलनाडु के विकास के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया है। मुरुगन ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत और तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले परिवार से निकलकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद तक पहुंचने को उन्होंने अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री से उन्हें राज्य मंत्री की जिम्मेदारियों से मुक्त करने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि वे गांव-गांव और गली-गली जाकर लोगों से मिलना, कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना और पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं। एमपी से दूसरी बार राज्यसभा पहुंचे मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। एल. मुरुगन को 27 सितंबर 2021 को मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था। कांग्रेस ने उपचुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारा था। उन्होंने 4 अक्टूबर 2021 से अपना कार्यकाल शुरू किया। अप्रैल 2024 में वे मध्य प्रदेश से दूसरी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। पांच पेज के पत्र में क्या लिखा? मुरुगन ने पत्र में प्रधानमंत्री के साथ अपने राजनीतिक सफर, तमिलनाडु के प्रति केंद्र सरकार के सहयोग और पार्टी के लिए आगे की भूमिका का जिक्र किया है। पत्र के उपलब्ध पन्नों में लिखी प्रमुख बातों को अलग-अलग बॉक्स में समझा जा सकता है। गरीब परिवार से केंद्रीय मंत्रिपरिषद तक का सफर मुरुगन ने लिखा कि वे किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर और पशुपालक रहे हैं और आज भी कोनूर गांव में साधारण जीवन जीते हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा केंद्र सरकार में मंत्री बनेगा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले मुरुगन ने कहा कि करीब 30 साल तक एबीवीपी और भाजपा में काम करते हुए उनका सिद्धांत रहा है- राष्ट्र पहले, पार्टी उसके बाद और स्वयं सबसे अंत में। पार्टी ने कई जिम्मेदारियां दीं मुरुगन ने प्रधानमंत्री को लिखा कि उन्हें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष से लेकर दो बार राज्यसभा सदस्य बनने और केंद्रीय मंत्रिपरिषद में काम करने के अवसर मिले। सूचना एवं प्रसारण, संसदीय कार्य, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे मंत्रालयों में जिम्मेदारी मिलने से देश और लोगों को समझने का अवसर मिला। विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए भी पार्टी ने उन्हें मौका दिया। तमिलनाडु के लिए केंद्र सरकार के काम गिनाए मुरुगन ने चेन्नई मेट्रो के विस्तार, तूतीकोरिन बंदरगाह के विकास, राजमार्गों के विस्तार और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तमिलनाडु के 26 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का उल्लेख किया। उन्होंने मछुआरों के लिए गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले जहाजों के समर्थन और आईआईटी से निकल रहे डीप-टेक उद्यमों में प्रधानमंत्री की रुचि की भी तारीफ की। तमिल भाषा और संस्कृति के प्रति सम्मान मुरुगन ने पत्र में लिखा कि प्रधानमंत्री तीन बार उनके आवास पर पोंगल समारोह में शामिल होने आए। संयुक्त राष्ट्र में तमिल कहावत ‘यादुम ऊरे, यावरुम केलीर’ का उल्लेख, काशी तमिल संगमम, सौराष्ट्र तमिल संगमम और बीएचयू में सुब्रमण्यम भारती पीठ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से तमिल विरासत को सम्मान मिला है। संसद में सेंगोल की स्थापना को भी उन्होंने तमिलनाडु की विरासत के सम्मान से जोड़ा। तमिलनाडु में 2029 के चुनाव की तैयारी मुरुगन ने लिखा कि प्रधानमंत्री के हालिया तमिलनाडु दौरे में लोगों का उत्साह और स्नेह देखकर राज्य में पार्टी के लिए और काम करने का उनका संकल्प मजबूत हुआ है। वे हर गांव और गली में जाकर लोगों से मिलना, कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना और पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचाना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के सम्मान का जिक्र मुरुगन ने लिखा कि प्रधानमंत्री का नेतृत्व धैर्य, करुणा, सुशासन और जनता की देखभाल जैसे मूल्यों को दर्शाता है। उन्होंने तमिलनाडु के नेताओं को राज्यपाल और उपराष्ट्रपति जैसे पदों पर जिम्मेदारी मिलने का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, मेहनती कार्यकर्ताओं को परिवार की पृष्ठभूमि से अलग पहचान और जिम्मेदारी मिलना पार्टी के हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा है।
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एमपी से राज्यसभा सांसद एल मुरुगन ने दिया इस्तीफा:पीएम मोदी को लिखा 5 पेज का लेटर, बोले- तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करना चाहता हूं
