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भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण टीम ने रविवार को एयर शो के दूसरे दिन भी आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाए। नौ हॉक विमानों की गर्जना, अलग-अलग फॉर्मेशन और तेज रफ्तार करतब देखकर हजारों दर्शक रोमांचित नजर आए। एयर शो के दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी मौजूद रहे। संजय सेठ ने कहा कि भारत शांति और सद्भाव में विश्वास रखने वाला बुद्ध का देश है। लेकिन अगर कोई देश की तरफ आंख उठाकर देखेगा तो भारत शिव तांडव करना भी जानता है। उन्होंने कहा कि यही नया भारत है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने स्वदेशी हथियारों और अपनी तकनीक की ताकत दिखाई। उनके मुताबिक अब भारत अपनी सुरक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने वाला देश नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाई स्वदेशी हथियारों की ताकत रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि आज भारतीय सशस्त्र बलों के पराक्रम के साथ देश में तैयार रक्षा प्रणालियां भी दुनिया के सामने भारत की नई ताकत दिखा रही हैं। 1947 के बाद देश ने कई युद्ध और चुनौतियां देखीं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने सैन्य ताकत के साथ स्वदेशी तकनीक की क्षमता भी सामने रखी। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में ही रक्षा उपकरण और हथियार तैयार किए जा रहे हैं और इन्हें दूसरे देशों को भी निर्यात किया जा रहा है। 65% हथियार आयात से 65% निर्यात का दावा संजय सेठ ने कहा कि करीब 10-12 साल पहले भारत अपनी जरूरत के करीब 65% रक्षा सामान का आयात करता था। अब भारत 65% रक्षा सामान का निर्यात कर रहा है और दुनिया के 102 देशों को रक्षा उपकरण और हथियार भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले देश का रक्षा उत्पादन करीब 46 हजार करोड़ रुपये था। अब यह बढ़कर करीब 1.68 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी तरह रक्षा निर्यात भी पहले करीब 686 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। नमो भारत के बाद अब आसमान की उड़ान मेरठ के विकास पर बात करते हुए संजय सेठ ने कहा कि मेरठ ने नमो भारत की रफ्तार देखी है और अब सूर्यकिरण एयर शो के जरिए शहर ने आसमान में भारतीय वायुसेना का शौर्य देखा है। उन्होंने कहा कि यह बदलते मेरठ और बदलते भारत की तस्वीर है। अब मेरठ के हवाई उड़ान के सपने को भी नई उम्मीद मिलने वाली है। बाजपेयी की भूमिका की सराहना रक्षा राज्य मंत्री ने मेरठ के विकास को लेकर राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बाजपेयी हर मुद्दे पर सक्रिय रहते हैं। सड़क हो, रेल हो या कोई दूसरा विकास कार्य, वे लोगों से बात करते हैं और उनकी समस्याओं को संबंधित मंत्रियों और विभागों तक पहुंचाते हैं। संजय सेठ ने बताया कि मेरठ में रक्षा उत्पादन इकाइयां स्थापित करने की मांग को लेकर डॉ. बाजपेयी उनसे और रक्षा मंत्री से मुलाकात भी कर चुके हैं। युवाओं को डिफेंस में जाने की प्रेरणा संजय सेठ ने कहा कि सूर्यकिरण एयर शो का उद्देश्य सिर्फ लोगों का मनोरंजन करना नहीं है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश की सेना और डिफेंस सेक्टर में करियर बनाने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ पराक्रम की धरती है। यह स्वतंत्रता संग्राम और 1857 की क्रांति से जुड़ी धरती है। यहां बड़ी छावनी भी है। ऐसे में जब मेरठ के बच्चे आसमान में लड़ाकू विमानों को अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ते हुए देखते हैं तो उनके मन में भी यह विचार आता है कि वे क्यों नहीं वायुसेना के पायलट बन सकते या डिफेंस फोर्स का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण टीम के करतब देखकर आसमान में जो रोमांच पैदा होता है, उससे युवाओं को प्रेरणा मिलती है और वे देश के लिए कुछ करने के लिए मोटिवेट होते हैं। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रक्षा राज्य मंत्री ने युवाओं से 2047 तक विकसित भारत बनाने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। जब भारत अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा, तब देश मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के रूप में सामने आए, यही लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि देश में करीब 65 करोड़ युवा 35 साल से कम उम्र के हैं। यह भारत की बड़ी ताकत है। युवा नई तकनीक, स्टार्टअप और रिसर्च के जरिए देश को आगे ले जा रहे हैं। स्टार्टअप और स्पेस सेक्टर का उदाहरण दिया संजय सेठ ने युवाओं की क्षमता का उदाहरण देते हुए स्पेस सेक्टर के स्टार्टअप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कम उम्र के युवाओं ने स्पेस सेक्टर में काम करते हुए रॉकेट तैयार किए हैं। प्रधानमंत्री ने भी ऐसे युवाओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आज के युवा नई सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जिस तरह देश के जवान फाइटर विमानों को आसमान में अपनी उड़ान और कौशल से नियंत्रित करते हैं, उससे दुनिया को संदेश जाता है कि भारत किसी से कम नहीं है। ‘बुद्ध के उपासक हैं, लेकिन शिव तांडव भी कर सकते हैं’ ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए संजय सेठ ने कहा कि भारत बुद्ध के उपासकों का देश है और पूरी दुनिया को शांति का संदेश देता है। लेकिन जब देश की सुरक्षा की बात आती है तो भारत अपनी ताकत दिखाना भी जानता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इसका उदाहरण है। भारतीय सेना ने अपनी क्षमता और स्वदेशी हथियारों के दम पर पाकिस्तान को जवाब दिया। उनके मुताबिक, यह नए भारत की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता का उदाहरण है। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सूर्यकिरण का यह एयर शो भी भारत की इसी ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास की तस्वीर दिखाता है। आसमान में विमानों के करतब देखकर युवाओं को प्रेरणा मिलती है और देश की सैन्य क्षमता का एहसास भी होता है।
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एयर-शो के दूसरे दिन सूर्यकिरण के करतब देखने पहुंचे रक्षा-राज्यमंत्री:बोले- वायुसेना का शौर्य देख युवाओं को डिफेंस में करियर बनाने की मिलेगी प्रेरणा
