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करौली में 24 घंटे में 2 इंच से ज्यादा बारिश:विवेक विहार, कोर्ट के बाहर, पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहे पर भरा पानी




करौली जिले में बारिश ने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। यहां पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक 55 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई, जिसके बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। विवेक विहार, कोर्ट परिसर के बाहर, रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के सामने और एनएच-23 स्थित पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहे सहित आसपास के कई क्षेत्रों में सड़कें पानी में डूब गईं। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्थायी समाधान की मांग की है। औसत वर्षा 23.5 मिमी दर्ज
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जिले की औसत वर्षा 23.5 मिमी रही। करौली में 55 मिमी, हिंडौन में 30 मिमी, नादौती में 45 मिमी, श्रीमहावीरजी में 36 मिमी और पांचना बांध क्षेत्र में 37 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
टोडाभीम में 4 मिमी, सपोटरा में 6 मिमी, मंडरायल में 11 मिमी, जगर बांध पर 7 मिमी और कालीसिल बांध क्षेत्र में 4 मिमी बारिश हुई। पांचना बांध का जलस्तर 254.60 मीटर पहुंचा
लगातार बारिश के कारण पांचना बांध का जलस्तर बढ़कर 254.60 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि कालीसिल बांध का जलस्तर 5.39 मीटर दर्ज किया गया। विवेक विहार कॉलोनी सहित कई मोहल्लों में रास्तों पर जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विवेक विहार निवासी पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले करीब 2 दशकों से सड़क और नालियों के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। बारिश के दौरान लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। दुकानों में सामने पानी भरने से व्यापारी परेशान
एनएच-23 के पास दुकानदार अनिल जैन ने आरोप लगाया कि हल्की बारिश में भी सड़क पर पानी भर जाता है। उनके अनुसार, नालों की सफाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जिससे पानी दुकानों तक पहुंच जाता है और व्यापार प्रभावित होता है। उन्होंने नालों में बने अवरोधों और बिजली के खंभों को जल निकासी में बड़ी बाधा बताया। लोगों का कहना है कि वीर हनुमान मंदिर और आसपास के स्कूलों को जोड़ने वाले मार्गों पर जलभराव से श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर गंदा पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश से मौसम सुहावना होने और किसानों को राहत मिलने के बावजूद शहर में जलभराव और बदहाल जल निकासी व्यवस्था ने नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से पक्की सड़क, नालियों के निर्माण और प्रभावी जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।



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