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इस बार रक्षाबंधन पर भाई-बहन के स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मिलेगा। बलौदाबाजार जिले में बिहान योजना से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, चावल और सब्जियों के बीजों से राखियां तैयार कर रही हैं। खास बात यह है कि इन राखियों की बिक्री से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी भी हो रही है। ग्राम लाहोद की महिलाएं खास तरह की बीज राखियां बना रही हैं। इनमें धान, चावल, लौकी, करेला और सेमी जैसे स्थानीय बीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। राखी बांधने के बाद इन बीजों को मिट्टी में बोकर पौधे भी तैयार किए जा सकते हैं। कलेक्टर समेत अफसरों ने खरीदी राखियां मंगलवार को बिहान समूह की महिलाओं ने संयुक्त जिला कार्यालय में बीज राखियों की बिक्री के लिए स्टॉल लगाया। स्टॉल का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर कुलदीप शर्मा, एसपी गौरव राय, डीएफओ पंकज कुमार कमल और जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल को महिलाओं ने अपने हाथों से बनाई बीज राखियां पहनाईं। महिलाओं की आय का जरिया बनी बीज राखी बीज राखियां तैयार करने और बेचने से स्व-सहायता समूह की महिलाओं को अतिरिक्त आय मिल रही है। इससे महिलाओं को अपने हुनर का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने का मौका भी मिल रहा है। कलेक्टर ने की पहल की सराहना कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने महिलाओं की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप महिलाओं को नवाचार और आजीविका से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीज राखी महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है।
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कलेक्टर-एसपी को बिहान दीदियों ने पहनाई बीज राखी:बलौदाबाजार में महिलाओं ने धान-चावल और सब्जियों के बीजों से तैयार की राखियां, हरियाली का संदेश
