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मोहाली के जीरकपुर में छह साल पहले कार ओवरटेक करने को लेकर हुए विवाद में कुलदीप सिंह की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मोहाली जिला अदालत ने गुरविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह और परविंदर सिंह (सभी निवासी गांव सनौली, जीरकपुर) को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, चौथे आरोपी मनिंदर सिंह उर्फ मिंटू को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। अदालत का विस्तृत फैसला (डिटेल ऑर्डर) भी जारी हो चुका है। आइए जानते हैं पूरे मामले की कहानी। अब 5 प्वाइंट में जानिए कैसे हुआ विवाद: शुरुआत में FIR में था नाम 30 जून 2019 को दर्ज एफआईआर में मनिंदर सिंह उर्फ मिंटू को भी गुरविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह और परविंदर सिंह के साथ आरोपी बनाया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मनिंदर सिंह भी फोर्ड फिगो कार में सवार था। जांच के दौरान पुलिस ने पूरक चालान पेश किया, जिसमें सामने आया कि मनिंदर सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे। मोबाइल लोकेशन बनी सबसे बड़ा सबूत साइबर सेल की रिपोर्ट और मोबाइल टॉवर लोकेशन से पता चला कि घटना के समय मनिंदर सिंह का मोबाइल घटनास्थल के आसपास मौजूद नहीं था। तकनीकी साक्ष्यों के अनुसार, वह किसी अन्य स्थान पर था। अदालत में गवाही के दौरान किसी भी प्रत्यक्षदर्शी ने यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं किया कि मनिंदर मौके पर था या उसने मारपीट में भाग लिया था। कोर्ट ने संदेह का लाभ दिया तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों में उसकी भूमिका साबित नहीं होने पर अदालत ने मनिंदर सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जबकि बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर उन्हें दोषी ठहराया गया।
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कार ओवरटेक को लेकर हुए विवाद में युवक का मर्डर:मोहाली कोर्ट ने 3 को उम्रकैद की सजा सुनाई; चौथा सबूतों के अभाव में बरी
