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कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करते हुए विशेष प्रार्थना एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा भारतीय सुरक्षा बलों की सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए प्रार्थना की गई। विश्वनाथ धाम परिसर में हुआ आयोजन कार्यक्रम का आयोजन बाबा श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार तथा प्रतिष्ठित भारत माता प्रतिमा के समक्ष हुआ, जहाँ उपस्थित लोगों ने राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ वीर शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर सभी ने दो मिनट का मौन रखकर कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। हाथ में तिरंगा लेकर लगाए गए नारे नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा – कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में कारगिल की दुर्गम और बर्फीली पहाड़ियों पर भारतीय सैनिकों ने विषम परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तान की घुसपैठ को नाकाम किया और कब्जाए गए भारतीय क्षेत्रों पर पुनः तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध दुनिया के सबसे कठिन सैन्य अभियानों में से एक था, जहाँ हजारों फीट की ऊँचाई पर भारतीय जवानों ने असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। उनके त्याग और बलिदान की बदौलत भारत ने ऐतिहासिक विजय प्राप्त की, जिसे पूरा देश आज भी गर्व के साथ याद करता है। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का स्मरण नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, कर्तव्य और बलिदान की प्रेरणा का दिन भी है।
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काशी विश्वनाथ धाम में मनाया गया कारगिल विजय दिवस:हाथ में तिरंगा लेकर श्रद्धालुओं ने दी श्रद्धांजलि,बोले-बाबा विश्वनाथ हमारे सैनिकों को शक्ति प्रदान करें
