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किशनगंज मंडल कारा में पिछले चार महीनों के दौरान तीन बंदियों की मौत के बाद जेल प्रशासन की व्यवस्था और बंदियों की स्वास्थ्य निगरानी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मार्च से जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग परिस्थितियों में इन मौतों की पुष्टि हुई है, जिनमें एक सजायाफ्ता बंदी, एक विचाराधीन महिला बंदी और एक नई महिला बंदी शामिल है। सबसे पहले, 23 मार्च 2026 को सजायाफ्ता बंदी कैलाश कामती की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। इस मामले में जेल प्रशासन की ओर से यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) केस दर्ज कराया गया था। बताया गया था कि बंदी लंबे समय से अस्वस्थ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हुई। शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या की महिला इसके बाद, 10 जून 2026 को मंडल कारा के महिला वार्ड में विचाराधीन महिला बंदी उषा रानी मृत पाई गई थी। वह दहेज मृत्यु से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थी। प्रारंभिक जांच में महिला वार्ड के शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात सामने आई थी, जिसने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे। ताजा मामला 20 जुलाई 2026 का है। जेल प्रशासन के अनुसार, शराब से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार एक महिला को रविवार को ही न्यायिक हिरासत में मंडल कारा भेजा गया था। जेल पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल में प्रवेश के टाइम बंदियों की होनी चाहिए चेकप प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। लगातार हो रही इन मौतों ने जेल में बंदियों की स्वास्थ्य जांच, मानसिक स्थिति की निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर बहस छेड़ दी है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जेल में प्रवेश के समय बंदियों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच और संवेदनशील मामलों में विशेष निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए। जेल प्रशासन का कहना है कि सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की गई है तथा मौत के कारणों की जांच संबंधित प्रक्रियाओं के तहत कराई गई है। वहीं, मार्च से जुलाई 2026 के बीच हुई इन तीन घटनाओं ने किशनगंज मंडल कारा की व्यवस्थाओं को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया
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किशनगंज जेल में 4 माह में 3 बंदियों की मौत:जेल व्यवस्था-स्वास्थ्य निगरानी पर उठे सवाल, शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी महिला बंदी
