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किशनगंज जिला जेल में मार्च से अक्टूबर 2026 के बीच सात महीनों में चार बंदियों की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आई इन घटनाओं ने जेल में बंदियों की स्वास्थ्य सुविधाओं, नियमित जांच, मानसिक निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला 24 वर्षीय अनवर हुसैन का है। हत्या के आरोप में जेल में बंद अनवर की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मार्च में कुष्ठ रोग से पीड़ित कैलाश कामती की मौत मार्च 2026 में 60 वर्षीय कैलाश कामती की मौत हुई थी। शराबबंदी कानून के तहत बंद कैलाश कुष्ठ रोग से पीड़ित थे। परिजनों ने जेल में समुचित इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया था। ज्यादा खून बहने के बाद अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी। महिला वार्ड के शौचालय में मिली थी उषा रानी 10 जून को दहेज प्रताड़ना के मामले में बंद उषा रानी महिला वार्ड के शौचालय में संदिग्ध हालत में मृत मिली थीं। शुरुआती जानकारी में आत्महत्या की आशंका जताई गई थी। इस घटना ने जेल में महिला बंदियों की मानसिक स्थिति की निगरानी पर भी सवाल खड़े किए। जेल पहुंचने के कुछ घंटे बाद जेठाली हासदा की मौत 20 जुलाई को शराब के मामले में बंद 50 वर्षीय जेठाली हासदा की मौत हो गई थी। जेल लाए जाने के कुछ ही घंटे बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रशासनिक स्तर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया था। चार मौतों के बाद स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया पर सवाल लगातार चार मौतों के बीच सबसे बड़ा सवाल जेल में दाखिल होने वाले बंदियों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच और गंभीर बीमारियों की पहचान को लेकर है। साथ ही नियमित मेडिकल चेकअप, मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी और आपात स्थिति में तत्काल इलाज की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। किशनगंज डीएम नवीन कुमार ने बताया कि बंदियों की हर सप्ताह नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाती है। ऐसे में लगातार हुई मौतों के बाद अब यह देखना अहम होगा कि जेल की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा में क्या कमियां सामने आती हैं और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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किशनगंज जेल में 7 महीने में 4 बंदियों की मौत:स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, DM बोले-'मामले की जांच होगी'
