![]()
किशनगंज और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशनों पर रेल कोच रेस्टोरेंट खोलने की योजना फिलहाल अटक गई है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने ज्यादा कमाई करने और यात्रियों को अच्छी सुविधा देने के लिए ‘रेल कोच रेस्टोरेंट ऑन व्हील्स’ योजना शुरू की थी, लेकिन ठाकुरगंज में यह अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। रेलवे ने साल 2024 में इस परियोजना के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी की थी। अगस्त 2024 में किशनगंज और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर एक-एक रेल कोच भी पहुंचा दिया गया था। उस समय अधिकारियों ने कहा था कि दुर्गापूजा 2024 तक यात्रियों और स्थानीय लोगों को इस सुविधा का फायदा मिलने लगेगा। स्टेशन परिसर में खड़े हैं कोच हालांकि, कई महीने बीत गए, लेकिन दोनों स्टेशनों पर कोच रेस्टोरेंट शुरू नहीं हो सका है। कोच अभी भी स्टेशन परिसर में खड़ी हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अलग-अलग मंडलों में दर्जनभर से ज्यादा रेल कोच रेस्टोरेंट सफलतापूर्वक चल रहे हैं। कटिहार मंडल में आठ, अलीपुरद्वार में दो और रंगिया, लामडिंग व तिनसुकिया में एक-एक कोच रेस्टोरेंट यात्रियों को सेवा दे रहे हैं। ऐसे में किशनगंज और ठाकुरगंज में परियोजना में देरी से सवाल उठ रहे हैं। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर बनाना था रेस्टोरेंट योजना के तहत स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर रेस्टोरेंट बनाया जाना था। निजी संचालक को रेलवे की ओर से पुराने रेल कोच दिए जाने थे, जिन्हें आधुनिक सुविधाओं वाले रेस्टोरेंट में बदलना था। यहां यात्रियों के लिए खाना, पैक्ड फूड और टेक-अवे जैसी सुविधाएं मिलनी थीं। स्टेशन परिसर में होने के कारण आम लोगों को भी बिना प्लेटफॉर्म टिकट के इसका फायदा मिलना था। इस बारे में कटिहार रेल मंडल के डीसीएम ने बताया कि किशनगंज और ठाकुरगंज के लिए जिस व्यक्ति ने टेंडर लिया था, उसने तय रकम जमा नहीं की। इसी कारण दोनों जगह रेल कोच रेस्टोरेंट शुरू नहीं हो सका। रेलवे अब आगे की कार्रवाई पर सोच रहा है।
Source link
किशनगंज-ठाकुरगंज में रेल कोच रेस्टोरेंट योजना अटकी:टेंडर लेने वाले ने राशि नहीं की जमा, 2 साल से परिसर में खड़ी है कोच
