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अजमेर के किशनगढ़ एयरपोर्ट पर गुरुवार को ट्रेनी विमान की क्रैश लेंडिंग हुई। ट्रेनिंग उड़ान के दौरान हवा में विमान का एक टायर निकल गया था। इसके बाद करीब 3 घंटे तक विमान हवा में चक्कर काटता रहा। इमरजेंसी घोषित कर NDRF-SDRF के साथ ही प्रशासन को सूचित किया गया। विमान में फ्यूल (ईंधन) कम होने का इंतजार किया गया और फिर क्रैश लैंडिंग कराई गई। हादसे में ट्रेनर और ट्रेनी पायलट पूरी तरह से सुरक्षित है। जानकारी के अनुसार, ट्रेनी विमान ने 5 घंटे फ्लाई टाइम का फ्यूल लेकर सुबह 9.30 बजे उड़ान भरी और दोपहर 2 बजे तक हवा में चक्कर लगाता रहा। फ्यूल कम होने पर विमान की क्रैश लैंडिंग करवाई गई। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर घोषित की फुल इमरजेंसी जानकारी के अनुसार, अवन्या एविएशन के विमान ने ट्रेनिंग के लिए किशनगढ़ एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। करीब 1.30 घंटे की ट्रेनिंग उड़ान के बाद ट्रेनर और ट्रेनी पायलट ने विमान के बायां टायर नहीं होने का पता चला। स्थिति की जानकारी तत्काल एयर ट्रैफिक कंट्रोल को दी गई। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने संभावित आपात स्थिति को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी। विमान के सुरक्षित उतरने के लिए एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित की गई। SDRF और NDRF की टीमों के साथ प्रशासन को भी सूचना दी गई। सुरक्षा और बचाव दलों को एयरपोर्ट पर तैनात किया गया, ताकि लैंडिंग के दौरान किसी भी तरह की आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। विमान में पर्याप्त ईंधन मौजूद होने के कारण तत्काल लैंडिंग कराने के बजाय फ्यूल निर्धारित स्तर तक कम होने का इंतजार किया गया। इस दौरान विमान को एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में आसमान में ही चक्कर लगवाए गए। एयरपोर्ट प्रशासन और एटीसी लगातार विमान की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। लैंडिंग के समय जोखिम को कम करने के लिए फ्यूल कम होने के बाद ही विमान को उतारने की रणनीति अपनाई गई। पहले दूसरे पाइपर विमान से किया लैंडिंग का टेस्ट आपात स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने सुरक्षित लैंडिंग की तैयारियों के तहत एक महत्वपूर्ण अभ्यास भी किया। एयरपोर्ट टर्मिनल के नजदीक कच्चे रास्ते पर फोम बिछाया गया और पानी का छिड़काव किया गया। इसके बाद एक अन्य पाइपर विमान को इसी तैयार किए गए स्थान पर उतारकर लैंडिंग व्यवस्था का टेस्ट किया गया, जो सफल रहा। इस दौरान हवा में चक्कर लगा रहे ट्रेनी विमान का फ्यूल भी निर्धारित स्तर तक कम हो गया। तैयारियों और परीक्षण के सफल रहने के बाद विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई। विमान की क्रैश लैंडिंग के बाद सामने आया कि विमान का लेफ्ट टायर हवा में ही निकल गया था। पाइपर विमान में 3 टायर होते हैं, जबकि इस विमान में आगे का और राइट साइड का टायर ही लैंडिंग के समय था। विमान के लेफ्ट टायर के निकलने की स्थिति कैसे बनी, इसकी विस्तृत तकनीकी जानकारी और घटना से जुड़ी आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है। किशनगढ़ एयरपोर्ट पर अवन्या एविएशन देती है फ्लाइंग ट्रेनिंग किशनगढ़ एयरपोर्ट पर अवन्या एविएशन की ओर से पायलट ट्रेनिंग दी जाती है, जो नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से मंजूर फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन है। एविएशन से जुड़ी जानकारी में भी अवन्या एविएशन का बेस किशनगढ़ एयरपोर्ट ही दर्ज है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के रिकॉर्ड में किशनगढ़ के लिए फायर और बचाव सेवा की व्यवस्था भी है।
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किशनगढ़ एयरपोर्ट पर ट्रेनी विमान की क्रैश लैंडिंग:हवा में निकल गया टायर, 3 घंटे तक चक्कर लगाता रहा; फ्यूल कम होने पर रनवे पर उतारा
