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कृषि विभाग ने रविवार से एफएफएस के माध्यम से 20 बैग यूरिया और 10 बैग या ज्यादा डीएपी खरीदने पर अब जमाबन्दी दिखाना अनिवार्य कर दिया है। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राम लाल जाट ने बताया कि जिले में 27 अगस्त से उर्वरक का विक्रय फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर्स सेल (एफएफएस) के माध्यम से किसानों द्वारा ऑनलाइन बुक करने के बाद जारी होने वाले क्यूआर कोड या बुकिंग आईडी का आदान विक्रेता द्वारा पॉस मशीन से स्केन करने के बाद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों द्वारा स्वयं की मालिकाना हक की भूमि से अधिक भूमि को अपनी दिखाकर अधिक मात्रा में खाद बुक किया जा रहा है। जैसे कि यदि किसी जमाबन्दी में 5 हिस्सेदार है तो उनका वास्तव में प्रत्येक का हिस्सा 1/5 होता है, लेकिन बुक करते समय उनमें से एक अथवा सभी हिस्सेदार पूर्ण खाते की जमीन को अपनी दिखाते हुए खाद की अधिक मात्रा बुक कर रहे हैं। कुछ किसानों की फार्मर आईडी में ही अधिक जमीन स्वयं के मालिकाना हक की दिखा रखी है। जबकि वास्तव में उनके पास कम जमीन है। ऐसी स्थिति में कई किसान 30-50 के बीच डीएपी एवं यूरिया की बुकिंग कर रहे हैं। जबकि उनके पास उपलब्ध जमीन के लिए 10 बैग से भी कम की जरूरत है। इस अव्यवस्था में सुधार करने के लिए सभी खाद विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि उनके पास यदि 10 बैग से अधिक डीएपी एवं 20 बैग से अधिक यूरिया बुक करने के बाद किसान क्रय करने आता है तो उसकी जमाबन्दी आवश्यक रूप से देखी जाए एवं उसका रिकार्ड भी रखा जाए।
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किसानों को ज्यादा खाद खरीदने पर दिखानी होगी जमाबंदी:20 बैग यूरिया-10 बैग डीएपी से ज्यादा ऑनलाइन खरीद पर होगी जांच, आदेश जारी
