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नर्मदापुरम जिले के आदिवासी विकासखंड केसला की ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) आशा मौर्य को शिक्षकों के अटैचमेंट और अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताओं के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा की जांच रिपोर्ट के आधार पर नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर श्रीकांत बनोठ ने यह कार्रवाई की है। शिक्षकों के अटैचमेंट से बिगड़ा रिजल्ट मामले की शुरुआत तवानगर शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खराब परीक्षा परिणाम को लेकर हुई शिकायत से हुई। विधायक प्रतिनिधि रीता सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया था कि नियमित शिक्षकों को अन्य कार्यालयों में अटैच कर दिए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई और कक्षा 9वीं से 12वीं तक का वार्षिक परीक्षा परिणाम खराब रहा। जांच में सामने आईं अनियमितताएं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि कई शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों से हटाकर बीईओ कार्यालय और अन्य संस्थानों में अटैच किया गया। इनमें शिक्षिका मोनिका चिमानिया, प्राथमिक शिक्षक मुकेश तिवारी और माध्यमिक शिक्षक सुमित खरे सहित अन्य शिक्षकों के नाम शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि जिन स्कूलों से शिक्षकों को अटैच किया गया, वहां उनके पद रिक्त दिखाकर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई। इससे नियमित शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों दोनों का भुगतान किया गया, जिसे वित्तीय अनियमितता माना गया। कलेक्टर की रिपोर्ट पर हुआ निलंबन जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बीईओ आशा मौर्य के निलंबन का प्रस्ताव संभागायुक्त को भेजा। प्रस्ताव में आरोपों को गंभीर कदाचार और अनुशासनहीनता की श्रेणी का बताते हुए तत्काल कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसके बाद कमिश्नर श्रीकांत बनोठ ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत आशा मौर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। 12 साल से थीं केसला में पदस्थ आशा मौर्य पिछले करीब 12 वर्षों से केसला में बीईओ के पद पर कार्यरत थीं। कुछ महीने पहले उनका आदेश जनजातीय कार्य विभाग में सहायक संचालक के पद पर हुआ था। वहीं, पिछले महीने तत्कालीन सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी के तबादले के दौरान उन्हें प्रभारी सहायक आयुक्त का दायित्व भी सौंपा गया था। हालांकि बाद में विवेक नागवंशी के तबादले पर स्थगन आदेश मिलने के बाद यह व्यवस्था बदल गई। विभागीय जांच जारी शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग पूरे मामले की विभागीय जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद दोष तय होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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केसला ब्लॉक में शिक्षकों के अटैचमेंट पर एक्शन:12 साल से पदस्थ BEO आशा मौर्य को किया सस्पेंड, शिक्षकों के अटैचमेंट और दोहरे भुगतान के आरोप में कार्रवाई
