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कैथल में नगरपालिका कर्मचारी संघ से जुड़े नगर परिषद के सफाई कर्मचारी चौथे दिन भी हड़ताल पर रहे। चौथे दिन केवल डोर टू डोर कचरा उठाने वाले सफाई कर्मचारियों ने ही कार्य किया। शहर में सफाई व्यवस्था सुचारू न होने के कारण जगह जगह कचरे के ढेर लगे हुए दिखाई दिए। सड़कों के किनारे गंदे पानी में कचरा फैला रहा। दूसरी ओर कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। डोर टू डोर कर्मचारियों को शामिल करने की तैयारी संगठन के प्रधान गौरव टांक, महेंद्र कुमार बिड़लान व सचिव विक्की टांक ने कहा कि अभी तक शहर में सफाई करने वाले कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जल्द ही डोर टू डोर कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा सफाई, सीवर व फायर के कर्मचारियों के साथ बार-बार भेदभाव की नीति अपनाई जा रही है। उनकी मांगों पर सहमति होने के बावजूद उसका पत्र आज तक जारी नहीं किया गया है। ग्रामीण सफाई कर्मचारी को 26 हजार और शहरी सफाई कर्मचारी को 27 हजार रुपए वेतन देने की घोषणा की गई थी, लेकिन सरकार ने इसे लागू नहीं किया है। कर्मचारी पक्के नहीं किए उन्होंने कहा कि फरवरी 2023 में सरकार ने पे रोल के कर्मचारियों को पक्का करने का पत्र जारी किया था और अब फिर 13 मई के समझौते में राज्य मे सफाई सीवर व फायर के 13 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन 12 साल के कार्यकाल में आज तक एक भी सफाई, सीवर व फायर के कर्मचारी पक्का नहीं किया। अगर जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे आंदोलन करेंगे। ये हैं कर्मचारियों की मांगें उन्होंने मांग की कि पालिकाओं, परिषदों व नगर निगमों में सभी प्रकार के ठेके समाप्त करके कर्मचारियों को विभाग के रोल पर किया जाए। 2 साल की पॉलिसी बनकर सभी कर्मचारियों को पक्का किया जाए व जब तक पक्के नहीं किए जाते, तब तक समान काम समान वेतन लागू किया जाए। सफाई, सीवर व फायर के कर्मचारियों को जोखिम पूर्ण कार्य के लिए प्रति माह 5 हजार रुपए जोखिम भत्ता दिया जाए। पुरानी पेंशन व 2006 वाली एक्स एग्रेसिया पॉलिसी बहाल की जाए।
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कैथल में सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी:जगह-जगह लगे कचरे के ढेर, दो दिन और रहेगी
