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सहरसा-मानसी रेलखंड पर स्थित कोपरिया रेलवे स्टेशन पर बुनियादी यात्री सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है। बुधवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन को एक मांगपत्र सौंपा, जिसमें स्टेशन के समग्र विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कोपरिया स्टेशन सलखुआ, बनमा-इटहरी, फनगो सहित आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों निवासियों के लिए एक प्रमुख रेल केंद्र है। हालांकि, सुविधाओं की कमी के कारण यात्रियों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की
मांगपत्र के माध्यम से ग्रामीणों ने स्टेशन के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण, प्लेटफॉर्म का उच्चीकरण, जर्जर संपर्क सड़क एवं पहुंच पथ का निर्माण, पर्याप्त यात्री शेड, स्वच्छ एवं नियमित रूप से संचालित शौचालय, हाईमास्ट लाइट की स्थापना तथा रेलवे परिसर की नियमित साफ-सफाई और रखरखाव सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि बरसात के मौसम में स्टेशन तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है, जिससे छात्र, किसान, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग प्रभावित होते हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने कोपरिया स्टेशन पर जनहित एक्सप्रेस और राज्यरानी एक्सप्रेस के नियमित ठहराव की भी मांग उठाई। उनका तर्क है कि इन ट्रेनों के रुकने से क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए अन्य स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जमालपुर से रेल संपर्क स्थापित करने की मांग भी रखी गई है। आवागमन के लिए रेल सेवा पर काफी हद तक निर्भर
विधायक प्रतिनिधि सर्वेश साह, रंजन यादव, जवाहर यादव, अरुण कुमार, इकबाल आलम, जैनेन्द्र यादव, मिथलेश भगत और श्याम पोद्दार सहित अन्य ग्रामीणों ने इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि कोपरिया एक कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहां के किसान और कृषि व्यवसायी अपनी उपज के परिवहन तथा आवागमन के लिए रेल सेवा पर काफी हद तक निर्भर हैं। स्टेशन पर सुविधाओं की कमी विकास में एक बड़ी बाधा बनी हुई है। सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को सांसद के माध्यम से रेलवे मंत्रालय के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।
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कोपरिया रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव:ग्रामीणों ने सौंपा मांगपत्र; ट्रेनों के ठहराव, सड़क और प्लेटफॉर्म सुधार की उठाई मांग
