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कोरबा में सावन के दौरान एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों पर कोबरा निकलने से हड़कंप मच गया। वन्यजीव रेस्क्यू टीमों की सक्रियता से दोनों जगहों पर सांपों को सुरक्षित पकड़ा गया और उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। पहली घटना बालको के लालघाट स्थित सुनील पांडे के घर की है। सोमवार दोपहर उनके घर के सोफे के अंदर से फुफकार की आवाज सुनाई दी। परिवार के सदस्यों ने तुरंत पहचान लिया कि सोफे के भीतर एक जहरीला सांप छिपा है। टीम ने कोबरा को सोफे से सुरक्षित बाहर निकाला परिजनों ने तत्काल रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS) को सूचना दी। RCRS की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सदस्य अजय साहू ने सावधानीपूर्वक सोफे की जांच की। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने सोफे के अंदर छिपे विषैले कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना से संभावित दुर्घटना टल गई। बाद में कोबरा को वन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। पशु चिकित्सालय परिसर में निकला कोबरा दूसरी घटना जिले के भैंसमा स्थित पशु चिकित्सालय परिसर की है। सावन के पहले सोमवार को यहां भी एक कोबरा निकलने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कोरबा से वन्यजीव रेस्क्यू विशेषज्ञ जितेंद्र सारथी अपनी नोवा नेचर टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने विशेष उपकरणों की मदद से कोबरा को सुरक्षित पकड़ा और रेस्क्यू बैग में रखा। बाद में उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। जितेंद्र सारथी ने बताया कि सांप हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इन्हें बेवजह नुकसान न पहुंचाएं। यदि घर, संस्थान या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखे तो सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। उन्होंने सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक न करने की सलाह दी, बल्कि पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाने पर जोर दिया।
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कोरबा में घर के सोफे से निकला कोबरा:पशु अस्पताल परिसर में भी दिखा सांप; RCRS, नोवा नेचर टीम ने किया रेस्क्यू
