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पंजाब के एंटी खालिस्तानी गुरसिमरन मंड को पीटने के मामले में सिखों ने अंबाला थाना घेर लिया है। अंबाला के पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा में बीते दिन हुई घटना को लेकर पुलिस ने गिरफ्तारियां शुरू कर दी थीं जिसका सिख संगत विरोध कर रही है।
इसके बाद रविवार को गुरुद्वारा साहिब में मीटिंग के बाद सिख समुदाय के लोग रिहाई की मांग लेकर पंजोखरा साहिब थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान यूनियन गुरनाम सिंह चढूनी और शहीद भगत सिंह किसान यूनियन ने भी सिख जत्थेबंदियों का समर्थन किया है।
पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी और हरियाणा सिख प्रबंधक कमेटी के वाइस चेयरमैन गुरवीर सिंह व सदस्य मौजूद रहे। वाइस प्रेसिडेंट गुरवीर सिंह ने बताया कि बीते दिनों हुई घटना को लेकर पुलिस ने 2 युवाओं को धारा 307 के तरह केस दर्ज कर हिरासत में लिया था।
पुलिस को इन युवकों की रिहाई के लिए डेढ़ घंटे का समय दिया गया है, अगर पुलिस ने बच्चों को नहीं छोड़ा तो आंदोलन तेज होगा। उसके बाद क्या कुछ करना है उसका फैसला भी लिया जाएगा। वहीं किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने चेतावनी देते कहा कि अगर लड़कों नहीं छोड़ा तो बड़ा आंदोलन होगा। हरियाणा सरकार उनको हल्के में न ले। चढ़ूनी बोले-गाड़ी चढ़ाने पर मामला क्यों दर्ज नहीं हुआ किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के कहा कि गुरसिमरन मंड की शिकायत पर अंबाला पुलिस ने सिख युवकों पर तो पर्चा दे दिया लेकिन उन लोगों पर पर्चा नहीं दिया जिन्होंने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। अगर कोई हमारे घर में आकर हम पर हमला कर दे तो क्या कर सकते थे। कानून कहता है कि घर में आकर हमला करने वाले पर पर्चा होता है न कि डिफेंस करने वाले पर। चढ़ूनी ने कहा कि मंड बीजेपी और आरएसएस का बंदा है, इसलिए उस पर पर्चा दर्ज नहीं हो रहा है।
गुंडागर्दी नहीं चलेगी, वो फिर आएगा तो फिर मारेंगे
चढ़ूनी ने कहा कि हमारे गुरुद्वारे में आकर कोई बदमाशी करेगा तो क्या हम उनको बताशे बांटेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक घंटे का समय मांगा था लेकिन मैंने डेढ़ घंटे का टाइम दिया है। पुलिस और प्रशासन इस मामले को यहीं खत्म कर दे तो ठीक होगा, नहीं तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। वो हमारे गुरुद्वारा में आकर हमें धमकाएगा तो क्या हम उसे कुछ नहीं कहेंगे। वो दोबारा आएगा तो दोबारा पीटेंगे।
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