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गुरुग्राम में खेलते समय बच्चों पर गिरा बास्केटबॉल पोल:डॉक्टर के बेटे की रीढ़ की हड्डी में तीन जगह फ्रैक्चर, अंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी में हादसा




गुरुग्राम में रिहायशी इलाकों और नामचीन सोसायटियों में मेंटेनेंस के नाम पर बरती जा रही लापरवाही मासूमों की जान पर भारी पड़ने लगी है। सेक्टर-84 स्थित अंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी में सोमवार शाम बड़ा हादसा हो गया। यहां सोसायटी के बास्केटबॉल कोर्ट में खेल रहे बच्चों के ऊपर अचानक लोहे का भारी-भरकम बास्केटबॉल पोल उखड़कर गिर गया। इस भयानक हादसे की चपेट में आने से डॉ. दलाल के पुत्र कार्तिक दलाल (उम्र करीब 12 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत यह रही कि कोर्ट में मौजूद अन्य बच्चे इस जानलेवा हादसे में बाल-बाल बच गए, वरना एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। रीढ़ की हड्डी में तीन स्थानों पर फ्रैक्चर
घटना सोमवार शाम करीब 7:15 बजे की है, जब सोसायटी के बच्चे रोज की तरह बास्केटबॉल कोर्ट में खेल रहे थे। खेल के दौरान ही अचानक लोहे का पोल नीचे आ गिरा। पोल कार्तिक के ऊपर गिरा, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। मौके पर चीख-पुकार मचते ही सोसायटी के सुरक्षाकर्मी और निवासी तुरंत दौड़कर पहुंचे। घायल कार्तिक को आनन-फानन में नजदीक के आरवी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की देखरेख में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे में कार्तिक की पीठ पर गंभीर चोट आई है और उनकी रीढ़ की हड्डी में तीन अलग-अलग स्थानों पर फ्रैक्चर हुए हैं। उनकी हालत नाजुक लेकिन स्थिर बनी हुई है। लंबे समय से जंग खा रहा था पोल
इस दर्दनाक हादसे के बाद अंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी के निवासियों में प्रबंधन और मेंटिनेंस एजेंसी के खिलाफ भारी गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है। निवासियों का सीधा आरोप है कि बास्केटबॉल कोर्ट का यह लोहे का पोल लंबे समय से जंग लगा हुआ था और बेहद जर्जर हालत में था। इसके अलावा, पोल को जमीन के नीचे कंक्रीट से सही तरीके से फिक्स भी नहीं किया गया था, जिससे वह सिर्फ एक तरफ झुका हुआ था। प्रबंधन को शिकायत की थी रेजिडेंट्स ने बताया कि सोसायटी के खिलाड़ियों और अन्य निवासियों ने इस जानलेवा बन चुके पोल की खराब स्थिति को लेकर कई बार सोसायटी प्रबंधन से शिकायत की थी। आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद प्रबंधन ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज किया और कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की। लापरवाही का नतीजा
सोसायटी के लोगों का साफ कहना है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से प्रबंधन की घोर लापरवाही और आपराधिक सुस्ती का नतीजा है। अगर समय रहते जंग लगे पोल को बदला गया होता या उसकी मरम्मत कराई गई होती, तो आज एक मासूम बच्चा अस्पताल के बिस्तर पर दर्द से नहीं तड़प रहा होता। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को शिकायत दी गई है। पीड़ित परिवार और सोसायटी के लोग अब दोषी प्रबंधन और मेंटेनेंस टीम के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा से ऐसा खिलवाड़ न हो।



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