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गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर काल बना खड़ा कैंटर:बिना रिफ्लेक्टर खड़े ट्रक में घुसी स्कूटी, दिल्ली के युवक-युवती की मौत, एक गंभीर




गुरुग्राम में तेज रफ्तार के कॉरिडोर द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर लापरवाही ने दो मासूम जिंदगियां लील लीं। फ्लाईओवर के ऊपर बिना किसी रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर के खड़े एक कैंटर में तेज रफ्तार स्कूटी पीछे से जा टकराई। इस दर्दनाक हादसे में स्कूटी पर सवार एक युवक-युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी एक अन्य महिला मित्र जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। हादसे के मुख्य चश्मदीद सेक्टर-106 स्थित बाबूपुर गांव के रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी पंकज स्वामी ने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी। पंकज ने बताया कि वह शाम को अपने निजी काम से एलाल मिरेकल मॉल सेक्टर-83 गए थे। रात करीब 8:00 बजे जब वह अपना काम निपटाकर अपनी कार से द्वारका एक्सप्रेसवे के रास्ते वापस अपने गांव लौट रहे थे, तभी उन्होंने यह खौफनाक मंजर देखा। पंकज ने बताया कि जब वह बीपीटीपी सोसाइटी के सामने फ्लाईओवर के ऊपर पहुंचा, तो कार के ठीक आगे-आगे एक स्कूटी जा रही थी। उस स्कूटी पर दो लड़कियां और एक लड़का तीन लोग सवार थे। लड़का स्कूटी चला रहा था। इसी दौरान फ्लाईओवर पर बीच सड़क में एक कैंटर खड़ा हुआ था। कोई सेफ्टी उपकरण नहीं लगाया हैरान करने वाली बात यह थी कि कैंटर चालक ने रोड सेफ्टी से जुड़ा कोई भी उपकरण, जैसे रिफ्लेक्टर, कोन या इमरजेंसी लाइट का इस्तेमाल नहीं किया था। अंधेरा होने और कैंटर के अचानक सामने आने के कारण स्कूटी चालक उसे देख नहीं पाया और स्कूटी सीधे खड़े कैंटर के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार तीनों लोग उछलकर सड़क पर जा गिरे। तीनों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर वहीं तड़पने लगे। राहगीरों ने दिखाई इंसानियत, पहुंचाया अस्पताल हादसे के तुरंत बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई। पीछे से आ रहे अन्य राहगीरों ने तुरंत अपनी गाड़ियां रोकीं। पंकज स्वामी और अन्य मददगारों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। राहगीरों ने दोनों गंभीर रूप से घायल लड़कियों को अपनी गाड़ी में बिठाया और तुरंत पालम विहार स्थित मनिपाल अस्पताल पहुंचाया। वहीं, पंकज स्वामी ने अन्य लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल स्कूटी चालक युवक को अपनी गाड़ी में लिटाया और नजदीकी वाइब्रेंट अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ ही देर में घायल युवक का एक परिचित भी अस्पताल पहुंच गया, जिसके बाद पंकज वहां से अपने घर लौट आए। इलाज के दौरान दम तोड़ा: ककरोला और उत्तम नगर के थे मृतक अगली सुबह जब पंकज स्वामी ने दोनों अस्पतालों में जाकर घायलों का हालचाल लिया, तो दिल दहला देने वाली सच्चाई सामने आई। वाइब्रेंट अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि स्कूटी चला रहे लक्ष्य गहलोत की चोटों के कारण मौत हो गई। वह मकान नंबर 6, गांव ककरोला, दिल्ली का रहने वाला था। वहीं, मनिपाल अस्पताल में भर्ती दूसरी घायल लड़की निधि ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। निधि गली नंबर 13, विकास नगर, उत्तम नगर वेस्ट, दिल्ली की निवासी थी। जबकि तीसरी युवती अंकिता कुमारी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। वह प्लॉट नंबर 35, कोटला विहार फेज-4, नई दिल्ली की रहने वाली है और फिलहाल गुरुग्राम के मनिपाल अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है। एक्सप्रेसवे पर ‘खड़े वाहन’ बने काल द्वारका एक्सप्रेसवे पर बिना किसी इंडिकेटर के भारी वाहनों को खड़ा करना एक बड़ी प्रशासनिक और कानूनी लापरवाही बन चुका है। नियमों के मुताबिक, यदि कोई वाहन खराब होता है, तो उसके पीछे रिफ्लेक्टिव ट्राइएंगल या सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य है, ताकि पीछे से आ रहे वाहनों को दूर से ही खतरा दिख सके। इस मामले में कैंटर चालक की इस घोर लापरवाही ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। पुलिस जांच कर रही पुलिस ने पंकज स्वामी के बयान के आधार पर आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी खड़ी करने और मौत का कारण बनने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस दुर्घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार कैंटर चालक की पहचान कर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।



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