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चंडीगढ़-चार्जशीट में SI-ASI पर लगी करप्शन की धाराए हटाई:कोर्ट में DSP तलब, 661 करोड़ घोटाले के आरोपी वधवा को हाेटल लेकर गए




चंडीगढ़ में 661 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी विक्रम वधवा को चेकअप के बहाने सेक्टर-22 के होटल ले जाने के मामले में आज जिला अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले में पुलिस ने विक्रम वधवा समेत पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है और चार्जशीट में एसआई और एएसआई के खिलाफ लगी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 और 8 हटा दी हैं। इन धाराओं को हटाए जाने पर अदालत ने गंभीर सवाल उठाते हुए डीएसपी सेंट्रल एसपीएस सोंधी को आज कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है। अदालत ने डीएसपी से जवाब मांगा है कि चार्जशीट से करप्शन की धाराएं क्यों हटाई गईं और इन्हें हटाने का फैसला किसके कहने पर लिया गया। डीएसपी एसपीएस सोंधी को आज अदालत के सामने इस संबंध में अपना जवाब देना है। इससे पहले शनिवार शाम को भी अदालत ने डीएसपी को तलब कर करप्शन की धाराएं हटाने को लेकर सवाल किए थे। अब अदालत ने उन्हें दोबारा पेश होने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की शिकायत पर दर्ज केस इस मामले में सेक्टर-17 थाना पुलिस ने DSP सेंट्रल एसपीएस सोंधी की शिकायत पर सब-इंस्पेक्टर जगमेहर, ASI सुरिंदर, विक्रम वधवा और उसके बेटों करण वधवा व कुणाल वधवा के खिलाफ केस दर्ज किया था। FIR में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 और 8 के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 199, 261, 262, 62 और 61(2) लगाई गई थीं। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट में करप्शन की धाराएं हटा दीं। इसी को लेकर अब अदालत ने पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा है। आज की सुनवाई में DSP को यह बताना होगा कि जांच के दौरान किन तथ्यों और कानूनी आधार पर इन धाराओं को हटाया गया और यह फैसला किस स्तर पर लिया गया। जानिए क्या पूरा मामला 661 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले के मामले में आरोपी विक्रम वधवा बुडैल जेल में बंद था। जेल में तबीयत खराब होने की शिकायत के बाद अदालत की अनुमति से उसे इलाज के लिए सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। आरोप है कि इलाज के बाद उसे वापस जेल ले जाने के बजाय सब-इंस्पेक्टर जगमेहर और ASI सुरिंदर निजी वाहन से सेक्टर-17 स्थित होटल सिटी हार्ट ले गए। विक्रम वधवा काफी देर तक होटल में रुका था। इस दौरान उसके परिवार के सदस्यों सहित कुछ अन्य लोगों ने भी उससे मुलाकात की थी। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि होटल में विक्रम वधवा को ले जाने के दौरान उसकी संभावित फरारी की योजना को लेकर चर्चा हुई थी। हालांकि, इस संबंध में सामने आए आरोपों और साक्ष्यों का अंतिम परीक्षण अदालत में होना है। दो पुलिसकर्मी समेत पांच के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद इस मामले में दो पुलिसकर्मियों समेत पांच आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान दाखिल किया है। इनमें सब-इंस्पेक्टर जगमेहर, ASI सुरिंदर, विक्रम वधवा और उसके बेटे करण वधवा व कुणाल वधवा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विक्रम वधवा मूल रूप से चंडीगढ़ और पंचकूला से जुड़े 661 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले में आरोपी है और होटल ले जाने की घटना के समय इसी मामले में न्यायिक हिरासत में था। चार्जशीट में धाराएं हटने से उठे सवाल मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिस शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था, उसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 और 8 शामिल थीं, लेकिन चार्जशीट दाखिल करते समय इन्हें हटा दिया गया। अब अदालत ने इसी बिंदु पर DSP सेंट्रल एसपीएस सोंधी से जवाब मांगा है। आज की सुनवाई में DSP को कोर्ट में स्पष्ट करना होगा कि करप्शन की धाराएं हटाने का आधार क्या था और इन्हें हटाने का निर्देश किसने दिया था। इसके बाद अदालत चार्जशीट और मामले में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।



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