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एंट्री पहले खत्म, टीम बाद में बनी:कबड्डी… आरयू की छात्राएं सिस्टम से चित्त, बिना खेले ही टूर्नामेंट से बाहर




रांची विश्वविद्यालय की लापरवाही ने महिला कबड्डी टीम की खिलाड़ियों के मनोबल पर पानी फेर दिया। जिस टीम को मंगलवार से छत्तीसगढ़ में शुरू हो रहे ईस्ट जोन कबड्डी टूर्नामेंट में दांवपेंच दिखाना था, वही टीम मैच से पहले चित्त हो गई। दरअसल, पूर्व क्षेत्रीय अंतर-विश्वविद्यालय कबड्डी (महिला) प्रतियोगिता का आयोजन गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में 6 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक किया जा रहा है। इस टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए रांची विवि को 29 सितंबर तक खिलाड़ियों की सूची भेज देनी थी। पर खिलाड़ियों का चयन ही नाम भेजने की अंतिम तिथि बीतने के 4 दिन बाद 3 अक्टूबर को किया गया। इसके लिए जरूरी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक तक समय पर नहीं हुई। जब विश्वविद्यालय ने खिलाड़ियों को चुनकर अपनी टीम तैयार की, तब तक प्रवेश की अंतिम तारीख निकल चुकी थी। यानी खिलाड़ी मैदान में उतरने को तैयार थीं, लेकिन विश्वविद्यालय का सिस्टम अपनी जिम्मेदारी निभाने में इतना पीछे रह गया कि प्रतियोगिता का दरवाजा ही बंद हो गया। रांची विश्वविद्यालय की महिला कबड्डी खिलाड़ियों के हाथ से ईस्ट जोन का मंच निकल गया। इन खिलाड़ियों का चयन एशियाड में कबड्डी का गोल्ड, यहां मंच ही छूटा कबड्डी के प्रति देश में इस समय जबरदस्त माहौल है। एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि इस खेल में देश के खिलाड़ियों के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं। विवि स्तर पर अंतरविश्वविद्यालय प्रतियोगिताएं इन्हीं अवसरों की महत्वपूर्ण सीढ़ी हैं। बड़ा सवाल… जिम्मेवार कौन जब 29 सितंबर अंतिम तिथि थी, तो 3 अक्टूबर को ट्रायल का दिखावा क्यों किया गया? स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक समय पर क्यों नहीं बुलाई गई? क्यों हुआ… बैठक ही नहीं हुई विवि के स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की अनिवार्य बैठक समय पर आयोजित नहीं हुई, जिसके चलते चयन प्रक्रिया तय समय पर शुरू ही नहीं की जा सकी। असर… 17 महिला कबड्डी खिलाड़ियों (14 मुख्य + 3 स्टैंडबाय) का एक पूरा खेल सत्र बेकार हुआ। कॉलेज से निकलकर राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर बाधित हुआ। पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर गया। आगे क्या… समय पर बैठक का दबाव होगा अब रांची विश्वविद्यालय प्रशासन पर खेल बोर्ड की बैठकों और भविष्य की अन्य अंतरविश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं की समय-सारिणी सुधारने का दबाव रहेगा। इसपर जल्द निर्णय भी लेना होगा। ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते चयनित खिलाड़ियों की टीम प्रतियोगिता में क्यों नहीं जा सकी, इसके सटीक कारण के बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती। – डॉ. अनिल बीरेंद्र कुल्लू, स्पोर्ट्स डायरेक्टर, रांची विवि



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