Headlines

चंडीगढ़ में गैस बिल के नाम पर ठगे 6 लाख:झारखंड से साइबर ठग गिरफ्तार, 10 मोबाइल बरामद; ग्राहक डाटा लीक किया




चंडीगढ़ में अदाणी गैस का बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटने की धमकी देकर करीब 6 लाख रुपए की ठगी की गई। पुलिस ने आरोपी को झारखंड के जामताड़ा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 10 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी की पहचान बिमल कुमार (23) मंडल उर्फ विदुर के रूप में हुई है। जांच में मोबाइल से अदाणी गैस ग्राहकों का डाटा और ठगी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली संदिग्ध APK फाइलें मिली हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने व्हाट्सऐप के जरिए पीड़ित से संपर्क किया। उसे बताया गया कि पिछले महीने का अदाणी गैस बिल जमा नहीं हुआ है। भुगतान नहीं करने पर गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद आरोपी ने बिल अपडेट करने या कनेक्शन चालू रखने के नाम पर पीड़ित से कुछ प्रक्रिया पूरी करने को कहा। आरोपी ने मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी। ठगों ने मोबाइल में मौजूद बैंकिंग और भुगतान संबंधी जानकारी का दुरुपयोग करते हुए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और UPI के जरिए अनधिकृत लेनदेन किए। टेलीग्राम से मिल रहा डाटा-एपीके जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर टेलीग्राम के जरिए एक व्यक्ति से अदाणी गैस ग्राहकों का डाटा और APK फाइलें हासिल करता था। इसके बाद वह डाटा में शामिल ग्राहकों को फोन और व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर ठगी का शिकार बनाता था। आरोपी खुद को अदाणी गैस का कर्मचारी बताकर ग्राहकों से बिल बकाया होने या गैस कनेक्शन अपडेट करने की बात कहता था। इसके बाद वह उन्हें मोबाइल पर भेजी गई APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहता था। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल में पहुंच बनाने के बाद आरोपी और उसके नेटवर्क के सदस्य पीड़ितों के खातों से रकम निकालते थे। ठगी की रकम को साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और दूसरे माध्यमों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। अदाणी गैस के कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में इन मोबाइल से अदाणी गैस ग्राहकों का डाटा और संदिग्ध APK फाइलें मिलीं। पुलिस के मुताबिक, इन मोबाइल का इस्तेमाल ग्राहकों को फोन करने और व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजने के लिए किया जाता था। जांच में साइबर ठगी के मामले में पुलिस को नया सुराग मिला है। पुलिस को संदेह है कि अदाणी गैस का कोई कर्मचारी कथित तौर पर ग्राहकों का डाटा आरोपी तक पहुंचा रहा था। इसी के आधार पर ठग संभावित पीड़ितों को निशाना बना रहे थे। हालांकि, पुलिस ने अभी कर्मचारी की पहचान उजागर नहीं की है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि ग्राहक डाटा आरोपी तक कैसे पहुंचा। पांच दिन के रिमांड के बाद जेल भेजा आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए पांच दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड पूरा होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। साइबर सेल थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *