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किशनगंज के ठाकुरगंज निवासी MBA छात्र मयंक भास्कर की चंडीगढ़ में सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार शाम जब उसका पार्थिव शरीर पैतृक घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। जिस इकलौते बेटे को माता-पिता ने बेहतर भविष्य के लिए घर से दूर पढ़ने भेजा था, उसी को नम आंखों से अंतिम विदाई देनी पड़ी। जानकारी के अनुसार, बीते शनिवार की रात मयंक ढाबे में खाना खाने गया था। खाना खाने के बाद बाहर निकलते ही तेज रफ्तार ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना परिजनों को दी गई। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव को पैतृक गांव भेज दिया। माता-पिता दोनों शिक्षक, इकलौते बेटे से थीं बड़ी उम्मीदें मयंक नगर पंचायत ठाकुरगंज का रहने वाला था। उसके माता-पिता दोनों शिक्षक हैं। इकलौता बेटा होने के कारण परिवार की सारी उम्मीदें उसी पर टिकी थीं। मयंक चंडीगढ़ में MBA की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह बेहतर करियर बनाएगा और परिवार का नाम रोशन करेगा। लेकिन सड़क हादसे ने परिवार के सारे सपनों को तोड़ दिया। बेटे का शव देखते ही बदहवास हुए माता-पिता सोमवार शाम मयंक का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही माता-पिता बदहवास हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। इकलौती बहन भाई के शव से लिपटकर बिलखती रही। परिजनों की चीत्कार से पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया। मेची नदी किनारे हुआ अंतिम संस्कार मयंक की मौत की खबर मिलते ही रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की भीड़ उसके घर पर जुट गई। लोगों ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश की, लेकिन घर में पसरे मातम के बीच किसी के आंसू नहीं थम रहे थे। बाद में मेची नदी के किनारे पूरे विधि-विधान के साथ मयंक का अंतिम संस्कार किया गया। एक होनहार छात्र की असमय मौत से ठाकुरगंज क्षेत्र में शोक की लहर है।
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चंडीगढ़ में तेज रफ्तार ट्रक ने MBA छात्र को रौंदा:किशनगंज के मयंक की हुई मौत, शिक्षक माता-पिता का इकलौता बेटा था
