चंडीगढ़ में मोबाइल चुरा नशा तस्कर पर गिरवी रखे:फोन किया नशा तस्कर ने उठाया ,तडके घर में घुसा,नींद न खुले परिवार पर स्प्रे किया




चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित गली नंबर-8 में रहने वाले एक परिवार के लिए सुबह का समय उस वक्त हैरानी और डर में बदल गया, जब उन्हें पता चला कि रात के अंधेरे में कोई शातिर चोर उनके घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दे गया। परिवार का आरोप है कि सुबह करीब चार बजे आरोपी चुपके से घर के अंदर दाखिल हुआ। चोरी करने से पहले उसने घर में सो रहे सदस्यों पर किसी तरह का स्प्रे किया, जिससे सभी गहरी नींद में ही रहे और किसी को भी उसके घर में घुसने या सामान चोरी होने की भनक तक नहीं लगी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी घर में रखे तीनों मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गया। परिवार की सदस्य कल्पना ने बताया कि जब सुबह उनकी नींद खुली तो सबसे पहले उन्होंने अपने मोबाइल फोन तलाशने शुरू किए। पहले उन्हें लगा कि शायद रात को कहीं इधर-उधर रख दिए होंगे, लेकिन काफी देर तक पूरे घर की तलाशी लेने के बाद भी मोबाइल नहीं मिले। इसके बाद परिवार को चोरी होने का संदेह हुआ। घर में मौजूद सभी लोगों ने अपने-अपने कमरों और सामान की दोबारा जांच की, लेकिन तीनों मोबाइल फोन कहीं नहीं मिले। इसके बाद पड़ोसी से मोबाइल लेकर अपने नंबरों पर कॉल की गई, ताकि यह पता चल सके कि फोन घर में कहीं बज रहे हैं या नहीं। यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया, क्योंकि कॉल किसी अज्ञात व्यक्ति ने उठाई। इससे परिवार को यकीन हो गया कि उनके मोबाइल चोरी हो चुके हैं और अब किसी दूसरे व्यक्ति के कब्जे में हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना देकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। फोन किया तो नशा तस्कर ने उठाया शिकायतकर्ता कल्पना ने बताया कि जब उन्हें अपने मोबाइल फोन चोरी होने का शक हुआ तो उन्होंने पड़ोसी का मोबाइल लेकर अपने नंबरों पर कॉल की। उनकी उम्मीद थी कि यदि फोन घर में ही कहीं होगा तो उसकी घंटी सुनाई दे जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हैरानी की बात यह रही कि कॉल सीधे किसी अज्ञात व्यक्ति ने उठा ली। उस व्यक्ति ने खुद को मनीमाजरा की इंदिरा कॉलोनी का निवासी बताया। परिवार का आरोप है कि बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने बताया कि तीनों मोबाइल फोन उसके पास एक युवक गिरवी रखकर गया है। उसने कथित तौर पर कहा कि युवक नशे का आदी है और नशे की लत पूरी करने के लिए मोबाइल फोन उसके पास गिरवी छोड़ गया। यह सुनकर परिवार के लोग हैरान रह गए। उन्होंने उस व्यक्ति से मोबाइल वापस करने और युवक के बारे में जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कल्पना के अनुसार, इस बातचीत के तुरंत बाद पूरे मामले की जानकारी मनीमाजरा थाना पुलिस को दी गई। परिवार का आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने और कार्रवाई शुरू करने की सूचना मिलते ही चोरी किए गए तीनों मोबाइल फोन बंद कर दिए गए, जिससे उनकी लोकेशन का पता लगाना भी मुश्किल हो गया। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते संबंधित लोगों तक पहुंच जाती तो मोबाइल फोन बरामद किए जा सकते थे। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है और मोबाइल फोन किसके पास पहुंचे तथा चोरी में कौन-कौन शामिल है। पुलिस को पता चलते ही स्विच आफ पीड़ित परिवार का आरोप है कि जैसे ही मनीमाजरा थाना पुलिस को शिकायत दी गई और पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच शुरू करने लगी, इसकी जानकारी किसी तरह संबंधित लोगों तक पहुंच गई। परिवार का कहना है कि कुछ देर पहले तक जिन मोबाइल फोन पर कॉल जा रही थी और दूसरी ओर से कोई व्यक्ति बात भी कर रहा था, पुलिस की कार्रवाई शुरू होने के तुरंत बाद तीनों मोबाइल फोन अचानक बंद हो गए। इसके बाद लगातार कई बार कॉल करने की कोशिश की गई, लेकिन सभी फोन स्विच ऑफ आने लगे। इससे परिवार को संदेह है कि आरोपी और जिन लोगों के पास मोबाइल फोन पहुंचे थे, उन्हें पुलिस के पहुंचने की पहले ही भनक लग गई थी। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो मोबाइल फोन बरामद किए जा सकते थे और आरोपी तक पहुंचना भी आसान हो सकता था। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन मनीमाजरा की इंदिरा कॉलोनी में कथित रूप से नशा बेचने वाले एक व्यक्ति के पास गिरवी रखे गए थे। उनका दावा है कि फोन पर बातचीत के दौरान मिली जानकारी से उन्हें इस बात का पता चला। पीड़ितों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से नशे के कारोबार की शिकायतें सामने आती रही हैं और नशे के आदी लोग अपनी लत पूरी करने के लिए चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देकर चोरी का सामान गिरवी रख देते हैं या बेच देते हैं।



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