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रायपुर से चोरी हुई एक्टिवा स्कूटी के सौदे के मामले में महासमुंद साइबर सेल ने 20 वर्षीय दिपांशु घोष को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चोरी की एक्टिवा को महासमुंद में गिरवी रखने के बाद उसे बेचने के एवज में रकम लेने के लिए दिपांशु को बुलाया गया था। शुक्रवार शाम वह जैसे ही सुभाषनगर पहुंचा, साइबर सेल की टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। मामला रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का होने के कारण आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए राजेंद्र नगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस चोरी की एक्टिवा की बरामदगी के साथ इस मामले में वाहन खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। 19-20 सितंबर की रात चोरी हुई थी एक्टिवा पुलिस के मुताबिक, रायपुर के देवपुरी स्थित हिमालियन हाइट्स निवासी अंचल विश्वकर्मा (26) ने अपनी सफेद रंग की एक्टिवा क्रमांक CG 07 BY 7184 चोरी होने की शिकायत राजेंद्र नगर थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 345/2026, धारा 305(बी) BNS के तहत मामला दर्ज किया। चोरी 19-20 सितंबर की दरम्यानी रात हुई थी। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। पुलिस के अनुसार फुटेज में एक युवक चोरी की एक्टिवा ले जाते दिखाई दिया। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जांच के आधार पर उसकी पहचान दिपांशु घोष पिता संदीप घोष (20) के रूप में की गई। महासमुंद में गिरवी रखी थी चोरी की स्कूटी पुलिस के अनुसार, दिपांशु का मूल निवास महासमुंद के सुभाषनगर वार्ड क्रमांक 25 में है, जबकि वह वर्तमान में रायपुर के टिकरापारा आरडीए कॉलोनी में रह रहा था। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को जानकारी मिली कि चोरी की एक्टिवा को सुभाषनगर वार्ड क्रमांक 25 निवासी सोनू उर्फ मुकेश सोनी के पास गिरवी रखा गया था। इसके बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने महासमुंद साइबर सेल से संपर्क कर आरोपी और वाहन से जुड़ी जानकारी साझा की। रकम लेने पहुंचा तो साइबर सेल ने पकड़ा राजेंद्र नगर पुलिस से मिले इनपुट के बाद महासमुंद साइबर सेल ने सोनू उर्फ मुकेश के माध्यम से दिपांशु को चोरी की स्कूटी बेचने के एवज में रकम लेने के लिए बुलाया। शुक्रवार शाम सुभाषनगर पहुंचते ही साइबर सेल की टीम ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े संभावित नेटवर्क के संबंध में भी सुराग मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं चोरी के वाहनों को फर्जी RC, एफिडेविट या अन्य दस्तावेजों के जरिए खपाने का काम तो नहीं किया जा रहा था। इन बिंदुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। राजनीतिक परिवार से जुड़ा है आरोपी का पारिवारिक परिचय दिपांशु घोष के पिता संदीप घोष महासमुंद की स्थानीय राजनीति में भाजपा से जुड़े रहे हैं। 2019 में महासमुंद नगर पालिका चुनाव के लिए भाजपा की जारी प्रत्याशी सूची में वार्ड क्रमांक 25 से संदीप घोष का नाम दर्ज था। दो बार पार्षद व दो दफा एल्डरमैन की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। हाल के वर्षों में भी संदीप घोष को महासमुंद के भाजपा कार्यक्रमों में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य नेताओं के साथ सार्वजनिक आयोजनों में देखा गया है। योगेश्वर राजू सिन्हा वर्तमान में महासमुंद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। दिपांशु की गिरफ्तारी के बाद उसके पारिवारिक राजनीतिक परिचय को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा है। हालांकि, पुलिस की अब तक की कार्रवाई में किसी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका सामने आने की जानकारी नहीं है। वाहन बरामदगी और नेटवर्क की जांच जारी पुलिस आरोपी से पूछताछ कर चोरी की एक्टिवा, वाहन की खरीद-फरोख्त और संभावित अन्य सहयोगियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मामला रायपुर का होने के कारण आगे की कानूनी कार्रवाई राजेंद्र नगर पुलिस करेगी।
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चोरी की एक्टिवा के सौदे में पूर्व-पार्षद का बेटा गिरफ्तार:रायपुर से चोरी वाहन महासमुंद में गिरवी रखा था, रकम लेने पहुंचते ही दबोचा
