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कहते हैं, हर मौत वैसी नहीं होती जैसी पहली नजर में दिखाई देती है। कई बार सच सामने ही होता है, लेकिन उसके ऊपर झूठ की इतनी परतें चढ़ा दी जाती हैं कि हकीकत तक पहुंचने में सालों लग जाते हैं।
इंदौर के एक नामी होटल की चौथी मंजिल से एक युवती नीचे गिरी। पहली नजर में मामला आत्महत्या का लगा। पुलिस भी शुरुआती जांच में उसी दिशा में बढ़ रही थी। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने एक ऐसा सच सामने रखा, जिसने पूरी कहानी बदल दी।
अब सवाल सिर्फ इतना नहीं था कि युवती की मौत कैसे हुई… सवाल यह था कि अगर उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी, तो चौथी मंजिल से नीचे आखिर किसने फेंका?
मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज इसी रहस्यमयी मौत का सच बताएंगे जिसे लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा शुरू हो गई थी। 7 अगस्त 2016 को रात के 9 बजे बजे थे। इंदौर के विजय नगर इलाके का एक होटल। रोज की तरह होटल में चहल-पहल थी। रिसेप्शन पर कर्मचारी अंकुश त्यागी मेहमानों की एंट्री और रूम मैनेजमेंट में व्यस्त थे। युवती की लाश देख मची अफरा-तफरी
जमीन पर एक युवती खून से लथपथ पड़ी थी। उसके सिर और चेहरे से लगातार खून बह रहा था। पहली नजर में यही लगा कि वह ऊपर से गिरी है।
कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में एंबुलेंस बुलवाई गई। युवती को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिस युवती की लाश मिली वो कौन थी? युवती की पहचान 23 वर्षीय शिल्पू भदौरिया के रूप में हुई। वह मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली थीं। बीबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए इंदौर आई थीं और पलासिया इलाके के एक पीजी में रहती थीं। शिल्पू एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम करती थीं। इस केस में शुरुआत में सब कुछ आत्महत्या जैसा दिखाई दे रहा था। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदलकर रख दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पलट दी पूरी जांच रिपोर्ट में लिखा था…शिल्पू की मौत चौथी मंजिल से गिरने से नहीं हुई थी। उनकी मौत उससे पहले दम घुटने के कारण हो चुकी थी। यानी…जिसे आत्महत्या समझा जा रहा था, वह अब संभावित हत्या का मामला बन चुका था। अब सबसे बड़ा सवाल सामने था- अगर शिल्पू पहले ही मर चुकी थीं तो चौथी मंजिल से नीचे किसने फेंका? होटल के कमरे में मिले संघर्ष के संकेत फोरेंसिक टीम ने होटल के कमरे की बारीकी से जांच की। जांच में कई ऐसे सुराग मिले, जो आत्महत्या की कहानी से मेल नहीं खाते थे। शिल्पू की शर्ट के तीन बटन गायब थे। उनमें से एक बटन कमरे के अंदर मिला। शरीर पर संघर्ष के निशान थे। बाएं सीने के पास पिज्जा में इस्तेमाल होने वाला चीज लगा मिला। हाथों और नाखूनों के निशान बता रहे थे कि हमलावर और शिल्पू के बीच संघर्ष हुआ। शिल्पू ने आखिरी समय तक खुद को बचाने की कोशिश की थी। इन संकेतों ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया। ऐसा लग रहा था कि मौत से पहले कमरे के अंदर कुछ ऐसा हुआ था, जिसे छिपाने की कोशिश की गई। कमरा नंबर 418 के अंदर क्या मिला?
पुलिस जब होटल के कमरा नंबर 418 में पहुंची, तो वहां का दृश्य कई सवाल खड़े कर रहा था। इसी कमरे में शिल्पू ने स्टे किया था।
व्हिस्की की बोतल का खाली डिब्बा भी बरामद हुआ। बालकनी के पास रखे स्टूल पर पुरुष का अंडरवियर पड़ा था।
फर्श पर तीन इस्तेमाल किए हुए कंडोम मिले, जबकि दो बिना इस्तेमाल वाले कंडोम स्टूल की रैक में रखे थे। सीसीटीवी में दिखे तीन युवक
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में तीन युवक घटना से पहले और बाद में होटल में आते-जाते दिखाई दिए।
अब जांच की दिशा पूरी तरह बदल चुकी थी। पुलिस को यकीन हो गया कि ये तीनों उस रात होटल में मौजूद थे और शायद उन्होंने ही वारदात को अंजाम दिया था। अब पुलिस के सामने ये सवाल थे- होटल के कमरे में आखिर हुआ क्या था?
शिल्पू भदौरिया की मौत कैसे हुई?
आखिरी समय में मौजूद ये तीन युवक कौन थे?
शिल्पू को किसने और क्यों मारा? क्राइम फाइल्स पार्ट 2 में कल जानिए इन सवालों के जवाब…
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चौथी मंजिल से गिरी युवती, सुसाइड या मर्डर में उलझी:शर्ट के तीन बटन गायब थे, होटल के कमरे में मिले तीन इस्तेमाल कंडोम
