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छतरपुर जिले के महाराजपुर तहसील के टटम गांव में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों और ग्रामीणों ने सड़क, पुल और बिजली की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण और बच्चे कलेक्टर से मिलने के लिए करीब 40 किलोमीटर पैदल छतरपुर के लिए निकल पड़े। करीब 15 किलोमीटर चलने के बाद वे महाराजपुर पहुंचे। जहां तहसील परिसर के पास पड़ाव डाला। प्रदर्शनकारी बच्चों ने बताया कि स्कूल जाने के रास्ते में एक बड़ा नाला पड़ता है। बारिश के दिनों में नाले में पानी भर जाता है। उन्हें इसी रास्ते से स्कूल जाने के लिए नाला पार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कई बार कपड़े उतारकर बैग में रखने पड़ते हैं। नाला पार करने के बाद दोबारा कपड़े पहनकर स्कूल जाना पड़ता है। पिछले साल नाला पार करते समय एक छात्रा की डूबने से मौत हो गई थी। तस्वीरें देखें… अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की महाराजपुर में तहसील परिसर के पास प्रदर्शनकारियों के पहुंचने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम, तहसीलदार और जनपद पंचायत नौगांव के सीईओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि महाराजपुर विधायक कामाख्या प्रताप सिंह ‘टीका राजा’ धरना स्थल पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनें। लेकिन विधायक उनसे मिलने नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों से विधायक से फोन पर बात कराने को कहा। लेकिन अधिकारियों ने उनसे बात भी नहीं कराई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सरकार और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। बारिश में भी जारी रहा पैदल मार्च 8 बजे तक बच्चे और ग्रामीण बारिश के बीच गढ़ीमलहरा तक पहुंच चुके थे। छतरपुर की ओर आगे बढ़ रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे कलेक्टर से मिलने और अपनी मांगों पर सुनवाई होने के बाद ही वापस लौटेंगे। पैदल मार्च के दौरान पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था के लिए साथ मौजूद है।
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छतरपुर में मूलभूत-सुविधाओं को लेकर बच्चों का 40KM पैदल मार्च:स्कूल जाने के लिए गंदा नाला पार करने को मजबूर, 3 मांगों को लेकर प्रदर्शन
