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वृंदावन में संत प्रेमानंद के शिष्य ने शुक्रवार को चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। मृतक की पहचान मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी के रूप में हुई है। करीब एक साल पहले उन्होंने संत प्रेमानंद के आश्रम में दीक्षा ली थी और तभी से वृंदावन में रह रहे थे। घटना के बाद वृंदावन पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगर वृंदावन में यह घटना हुई। दीपक ने करीब एक साल पहले संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी, जिसके बाद उनका नाम बदलकर ‘रसिक दुलारी शरण’ रख दिया गया था। वह वृंदावन के बाराहघाट क्षेत्र की राधावाटिका गली स्थित ‘गुरुकृपा कुंज’ अपार्टमेंट में रहते थे। यहां संत प्रेमानंद के करीब 50 अन्य शिष्य भी रहते हैं। दीपक आश्रम में बिजली मिस्त्री के रूप में सेवा दे रहे थे। चौथी मंजिल से नीचे गिरे, अस्पताल में मृत घोषित प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चौथी मंजिल से गिरने के बाद दीपक करीब आधे घंटे तक घटनास्थल पर ही पड़े रहे। इसके बाद आश्रम प्रबंधन से जुड़े लोग उन्हें निजी वाहन से अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को करीब चार घंटे बाद दोपहर 2 बजे मिली। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। कमरे से ग्राइंडर मिला पुलिस को मृतक के कमरे से टाइल्स काटने वाला ग्राइंडर भी मिला है। इससे आशंका जताई जा रही है कि नीचे कूदने से पहले उन्होंने खुद को गंभीर रूप से घायल किया था। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल के रिकॉर्ड और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की वजह पता करने में जुटी है। पुलिस बोली- शुरुआती जांच में आत्महत्या का मामला वृंदावन सीओ संदीप सिंह ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है। इनमें दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण सामान्य रूप से अपने कमरे की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि कमरे से मिले साक्ष्यों और पुलिस को सूचना देने में हुई देरी के कारणों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
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जबलपुर के दीपक ने वृंदावन में दी जान:संत प्रेमानंद से एक साल पहले ली थी दीक्षा, बने थे ‘रसिक दुलारी शरण’
