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जालौन में गुरुवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष डकैती कोर्ट) ने जानलेवा हमले और डकैती मामले में 5 आरोपियों को दोषी माना। कोर्ट ने सभी को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 26,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। 2013 में दर्ज हुआ था मुकदमा अपर शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम ने बताया कि मामला वर्ष 2013 का है। कैलिया थाने में संदीप कुमार, प्रदीप कुमार, नीरज वाल्मीक, मोहम्मद इकबाल और दीपक उर्फ दिनेश सिंह उर्फ मीना बऊवा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपियों पर बलवा, घातक हथियार रखने और जानलेवा हमला करने का आरोप था। इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश डकैती प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया था। इन धाराओं में सुनाई सजा कोर्ट ने पांचों दोषियों को धारा 147 के तहत 2 साल की सजा और 2 हजार रुपए जुर्माना लगाया। धारा 148 के तहत 3 साल की सजा और 2 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। धारा 149/307 और यूपीडीएए एक्ट की धारा 12/14 के तहत सभी को 10 साल का कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। संदीप कुमार और प्रदीप कुमार को आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत 5 साल का कठोर कारावास और 2,500 रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जेल भेजे गए दोषी अदालत ने कहा कि जुर्माने को छोड़कर बाकी सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में पहले बिताया गया समय भी सजा में शामिल किया जाएगा। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत कैलिया पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले में प्रभावी पैरवी की। फैसला आने के बाद कोर्ट ने सभी दोषियों के खिलाफ सजायाबी वारंट जारी किया। इसके बाद उन्हें जालौन जिला जेल भेज दिया गया।
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जानलेवा हमले में 5 दोषियों को 10-10 साल की सजा:2013 में दर्ज हुआ था मुकदमा; कोर्ट ने सभी पर जुर्माना भी लगाया
